शिमला में खूनी संघर्ष: कहीं दराट और डंडों से हमला तो कहीं घर में घुसकर मारपीट, दहल उठा ऊपरी इलाका

Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले कई मामले सामने आए हैं। जिले के चिड़गांव और रामपुर थाना क्षेत्रों में आपसी रंजिश के चलते हिंसक झड़पें हुई हैं। इन घटनाओं में तेजधार हथियारों और डंडों का खुलकर इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिए हैं। फिलहाल सभी घायलों का उपचार चल रहा है और जांच जारी है।

चिड़गांव थाना क्षेत्र में आपसी विवाद ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया गया। पीड़ित दीक्षित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि विक्की और उसकी मां गुड्डी देवी ने उन पर दराट और डंडों से हमला किया। इस हिंसक घटना में दीक्षित के परिवार के कई सदस्यों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

चिड़गांव में क्रॉस एफआईआर: घर में घुसकर मारपीट का आरोप

इसी मामले में दूसरा पक्ष भी पुलिस के पास पहुंचा है। आरोपी पक्ष की गुड्डी देवी ने आरोप लगाया कि गुड्डू राम और उसके परिवार के लोग जबरन उनके घर में घुस आए। शिकायत के अनुसार, हमलावरों ने गुड्डी देवी और उनके बेटे विक्की के साथ बुरी तरह मारपीट की। इस क्रॉस एफआईआर के बाद मामला और उलझ गया है। पुलिस अब घटनास्थल का मुआयना कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि हमले की शुरुआत किसने की थी।

रामपुर थाना क्षेत्र में भी एक महिला के साथ सरेराह मारपीट और जान से मारने की धमकी का सनसनीखेज मामला दर्ज हुआ है। सुलोचना देवी नामक महिला ने आरोप लगाया कि रूप चंद नाम के व्यक्ति ने उन्हें बीच रास्ते में गलत तरीके से रोका। इसके बाद आरोपी ने डंडे से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें लहुलुहान कर दिया। महिला का आरोप है कि हमलावर ने उन्हें भविष्य में जान से मारने की धमकी भी दी है।

शिमला पुलिस इन सभी मामलों की गहनता से तफ्तीश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आपसी विवादों में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिड़गांव और रामपुर में दर्ज इन मामलों में पुलिस जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकती है। स्थानीय लोगों में इन घटनाओं के बाद भारी रोष है। लोग मांग कर रहे हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी हिंसक वारदातों पर अंकुश लग सके।

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