Chandigarh News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश हित में ईंधन बचाने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने का आह्वान अब जमीन पर कारगर साबित होता दिख रहा है। दिल्ली के बाद अब हरियाणा सरकार ने भी इस दिशा में बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर राज्य सरकार के तमाम मंत्री जहां अपने आधिकारिक काफिले में गाड़ियों की संख्या पहले ही कम कर चुके हैं, वहीं अब प्रशासनिक स्तर पर भी इसे कड़ाई से लागू किया जा रहा है।
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राज्य के सभी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों से इस महायज्ञ में अपनी आहुति डालने का विशेष आग्रह किया है। उन्होंने सभी सरकारी कर्मचारियों से कहा है कि वे अपने दैनिक प्रशासनिक और आधिकारिक कार्यों के दौरान पेट्रोल और डीजल की भारी खपत को कम करने के लिए हरसंभव व्यावहारिक प्रयास करें, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की बचत की जा सके।
अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा कार-पूलिंग करने के निर्देश
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संरक्षण की तात्कालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकारी विभागों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों में आने-जाने, महत्वपूर्ण बैठकों में भागीदारी करने तथा अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए व्यक्तिगत वाहनों के बजाय ज्यादा से ज्यादा ‘कार-पूलिंग’ (गाड़ी साझा करना) की आदत अपनाएं।
मुख्य सचिव ने पारंपरिक ईंधन जैसे पेट्रोल-डीजल पर अपनी निर्भरता को न्यूनतम करने और स्वच्छ पर्यावरण व परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के अधिकतम उपयोग का सुझाव दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभागाध्यक्षों (एचओडी) का यह मुख्य दायित्व होगा कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को रोजाना दफ्तर आने के लिए सार्वजनिक परिवहन (बस, ट्रेन) तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों के उपयोग के लिए लगातार प्रेरित करें।
फिजिकल मीटिंग्स की जगह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सरकारी धन और ईंधन दोनों की बर्बादी को रोकने के लिए एक और महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव का सुझाव दिया है। उन्होंने अधिकारियों से पुरजोर अनुरोध किया है कि वे नियमित बैठकों और विभिन्न विभागों के बीच आधिकारिक संवाद के लिए भौतिक रूप से यात्रा करने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) और अन्य वर्चुअल प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे आने-जाने का खर्च और समय दोनों बच सके।
उन्होंने अंत में कहा कि सामूहिक रूप से किए गए हमारे ये छोटे-छोटे और अनुशासित प्रयास देश में ईंधन की एक बहुत बड़ी बचत कर व्यापक राष्ट्रीय हित में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में शुरू हुए इस विशेष ईंधन बचत अभियान की प्रशासनिक गलियारों सहित आम जनता के बीच भी काफी सराहना हो रही है। लोग इसे पर्यावरण सुधार की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम मान रहे हैं।

