अमेरिका-ईरान विवाद: पाक के असली ‘मालिक’ आसिम मुनीर ही कर रहे मध्यस्थता, ट्रंप ने भी शरीफ को किया दरकिनार

International News: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान एक अहम भूमिका निभा रहा है। इसी बीच पाकिस्तान की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने बड़ा दावा किया है कि इस अंतरराष्ट्रीय शांति वार्ता का नेतृत्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ नहीं कर रहे हैं। उनके मुताबिक पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख जनरल असीम मुनीर ही इस पूरी प्रक्रिया की कमान संभाले हुए हैं।

जनरल असीम मुनीर ही हैं पाकिस्तान के असली नेता

एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में फवाद चौधरी ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बात में कोई शक नहीं है कि वर्तमान में पाकिस्तान का नेतृत्व सीधे तौर पर जनरल असीम मुनीर के हाथों में है। चौधरी ने उन्हें पाकिस्तान का वास्तविक या ‘डी-फैक्टो’ नेता करार दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में नीतिगत फैसले लेने का पूरा अधिकार केवल सेना प्रमुख के पास ही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री शरीफ को किया नजरअंदाज

फवाद चौधरी ने अपने बयान के समर्थन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी अहम उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि हाल ही में ट्रंप ने भी अपने बयान में केवल जनरल असीम मुनीर को ही पाकिस्तान का नेता बताया है। ट्रंप ने इस कूटनीतिक वार्ता के संदर्भ में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का नाम तक लेना जरूरी नहीं समझा। यह बात पाकिस्तानी राजनीति में सेना के कड़े दबदबे को साफ तौर पर दिखाती है।

शांति वार्ता के लिए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा ईरान

ईरानी मीडिया के अनुसार पाकिस्तान का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल हाल ही में अमेरिका का संदेश लेकर ईरान पहुंचा है। यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के दूसरे अहम दौर की रूपरेखा तैयार करने में जुटा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया कि इस्लामाबाद में हुई पिछली अहम चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए यह प्रतिनिधिमंडल अब सीधे तेहरान पहुंच चुका है।

इस्लामाबाद में हुई पहली वार्ता रही थी बेनतीजा

इससे पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला दौर हुआ था। यह बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के पूरी तरह से विफल रही थी। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के वापस लौटने के बाद से ही पाकिस्तान के जरिये लगातार संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। ईरानी प्रवक्ता के मुताबिक पहली वार्ता के दौरान अमेरिका ने कुछ ऐसी शर्तें रखी थीं जो उनके लिए अनुचित और पूरी तरह से अवास्तविक थीं।

समुद्री नाकेबंदी के बीच ट्रंप ने दिए बातचीत के संकेत

इस समय अमेरिका ने नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है। इस वजह से ईरान का समुद्री व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है। इस भारी तनावपूर्ण माहौल के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत फिर से शुरू होने के साफ संकेत दिए हैं। ट्रंप ने एक अमेरिकी अखबार को बताया कि अगले दो दिनों के भीतर पाकिस्तान में एक बार फिर से ईरान के साथ नए दौर की अहम बातचीत हो सकती है।

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