Hormuz Conflict: होर्मुज जलडमरूमध्य में झड़प के बावजूद अमेरिका-ईरान युद्धविराम कायम, तेल की कीमतों में गिरावट

International News: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच मंगलवार को एक राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़पों के बावजूद अमेरिका और ईरान के मध्य युद्धविराम फिलहाल बरकरार है। अमेरिका द्वारा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत क्षेत्र में फंसे व्यापारिक जहाजों को निकालने के प्रयासों का ईरान ने कड़ा विरोध किया, जिससे सीमित सैन्य कार्रवाई की स्थिति बन गई। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी उकसावे के बावजूद उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया को नियंत्रित रखा है ताकि व्यापक युद्ध की स्थिति को टाला जा सके।

अमेरिकी कार्रवाई में ईरान की छह सैन्य नौकाएं तबाह

ज्वाइंट चीफ्स चेयरमैन जनरल डैन केन ने जानकारी दी कि अमेरिकी सी हॉक और अपाचे हेलीकॉप्टरों ने कार्रवाई करते हुए ईरान की छह सैन्य नौकाओं को डुबो दिया है। अमेरिका का दावा है कि युद्धविराम लागू होने के बाद से ईरान अब तक नौ बार वाणिज्यिक जहाजों पर हमला कर चुका है और दो जहाजों को अवैध रूप से जब्त किया है। जनरल केन ने स्पष्ट किया कि ईरानी हमले इतने घातक नहीं थे कि उनके जवाब में पूर्ण युद्ध की घोषणा कर युद्धविराम तोड़ा जाए। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरानी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही है।

ईरान ने अमेरिकी दावों को नकारा, नागरिक मौतों का आरोप

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि अमेरिकी नौसेना ने डर के कारण नागरिक नौकाओं को निशाना बनाया। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, इस हमले में पांच लोगों की मौत हुई है। ईरान का कहना है कि ये नौकाएं ओमान के तट से यात्री और व्यापारिक सामान लेकर ईरान की ओर जा रही थीं। ईरान के संसद स्पीकर एम.ए. गलीबाफ ने अमेरिका पर समुद्री सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि ईरान ने अभी अपनी पूरी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन नहीं किया है।

ग्लोबल मार्केट को मिली राहत, कच्चे तेल के दाम गिरे

तनाव के बावजूद स्थिति के नियंत्रण में रहने से वैश्विक तेल बाजार ने राहत की सांस ली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे दाम घटकर 111 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर हुए हालिया हमलों की सऊदी अरब और पाकिस्तान ने निंदा की है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन हमलों में अपनी संलिप्तता पर स्पष्ट टिप्पणी नहीं की और बिना सबूत के आरोप न लगाने की सलाह दी है।

‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ और राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी चेतावनी

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ एक अस्थायी मिशन है जिसका एकमात्र उद्देश्य होर्मुज में फंसे 1550 से अधिक जहाजों और 22,500 नाविकों को सुरक्षित मार्ग देना है। इस बीच, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस से ईरान को सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य शक्ति काफी कमजोर हो चुकी है और उसे ‘सफेद झंडा’ लहराकर समझौता कर लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी बेहद प्रभावी साबित हो रही है और ईरान को पता है कि उसे सीमा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।

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