ईरान-अमेरिका के बीच बड़ी डील? UAE ने जारी किए फ्रीज 10 अरब डॉलर, परमाणु वार्ता पर आया नया मोड़

World News: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने परमाणु मुद्दे पर शुक्रवार को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बहुप्रतीक्षित परमाणु वार्ता अब केवल बाद के चरण में ही आयोजित होगी। जब तक प्रस्तावित अंतरिम समझौते को पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।

अब्बास अराघची के अनुसार इस महत्वपूर्ण अंतरिम समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को फिर से व्यापार के लिए खोलना शामिल है। इसके अलावा कई प्रमुख मोर्चों पर पिछले काफी समय से चल रहे हिंसक सैन्य संघर्षों को पूरी तरह खत्म करने की रूपरेखा भी इस संधि का मुख्य हिस्सा होगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा फैसला

ईरानी विदेश मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि अभी तक दोनों देशों के बीच किसी भी आधिकारिक समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। मौजूदा मसौदे में दोनों पक्षों की सहमति से अब भी बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। इस बार होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन युद्ध से पहले वाले पुराने दौर जैसा बिल्कुल नहीं होगा।

रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस जलडमरूमध्य पर केवल ईरान और ओमान का ही कानूनी अधिकार है। ईरान इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के जरिये दुनिया के सभी व्यापारिक और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। इसके लिए पड़ोसी देशों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

यूएई ने पिघलाई बर्फ, जारी किए अरबों डॉलर

वैश्विक प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय मोर्चे से एक के बाद एक कई बड़ी और राहत भरी खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिका के साथ संभावित परमाणु समझौते पर ईरान के सकारात्मक रुख को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने उसके फ्रीज पड़े 10 अरब डालर की भारी-भरकम रकम को अनब्लॉक करने का बड़ा फैसला लिया है।

हालांकि इस वित्तीय राहत की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस गुप्त समझौते के तहत तीन अरब डॉलर की पहली महत्वपूर्ण किस्त ईरान को जारी भी कर दी गई है। इस ऐतिहासिक कदम से खाड़ी देशों के बीच आपसी व्यापारिक संबंध दोबारा मजबूत होंगे।

विदेशों में फ्रीज पड़े हैं ईरान के 24 अरब डॉलर

यूएई के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले पर कहा कि वे खाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक तनाव को घटाने पर लगातार काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने इसी तरह की सकारात्मक और उदार पहल की उम्मीद क्षेत्र के दो अन्य अमीर खाड़ी देशों से भी खुले तौर पर की है।

गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के चलते ईरान के अरबों डॉलर आज भी विदेशों के अलग-अलग बैंकों में फ्रीज पड़े हुए हैं। ईरानी सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पूरी दुनिया में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति की एवज में उसके करीब 24 अरब डॉलर बाहर अटके हुए हैं।

अमेरिका के साथ होने वाले इस नए शांति समझौते में ईरान अपनी इस पूरी रकम को तुरंत जारी कराने पर सबसे ज्यादा जोर दे रहा है। ईरान चाहता है कि इस धन का उपयोग कर देश की चरमराती आर्थिक हालत को जल्द सुधारा जा सके। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रायटर के अनुसार, इस वित्तीय लेनदेन की अभी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

Author: Pallavi Sharma

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