International News: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य गतिरोध अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को दोनों देशों की सीमा के पास पाकिस्तानी वायुसेना ने अचानक भीषण हवाई हमला कर दिया। इस ताज़ा एयर स्ट्राइक में कम से कम 13 नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई है।
अफगान अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने रात के अंधेरे में उनके हवाई क्षेत्र का खुला उल्लंघन किया। इसके बाद कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों के रिहायशी घरों पर भारी बमबारी की गई। इस अमानवीय घटना के बाद सीमा पर रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
मासूम बच्चों और महिलाओं को बनाया निशाना, तालिबान ने दी चेतावनी
अफगानिस्तान सरकार के अनुसार इस बर्बर हमले में 11 निर्दोष बच्चे, एक बेकसूर महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शहीद हुए हैं। इसके साथ ही मलबे की चपेट में आने से 14 अन्य महिलाएं और बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका मिलिट्री अस्पताल में इलाज जारी है।
काबुल के तालिबान शासकों ने इन घातक हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे एक बड़ा मानवीय अपराध और आक्रामकता की खुली कार्रवाई बताया है। तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने सोची-समझी साजिश के तहत नागरिक आवासों को निशाना बनाया है।
फरवरी से अब तक दोनों देशों के बीच बढ़ा सैन्य विवाद
दोनों पड़ोसी देशों के बीच पिछले कई महीनों से भीषण युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। फरवरी 2026 में भी पाकिस्तान ने पक्तिका और नंगरहार प्रांतों में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का बड़ा दावा किया था। उस सैन्य कार्रवाई में भी कई आम नागरिकों की जान चली गई थी।
उस घटना के तुरंत बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच डूरंड लाइन यानी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कई दिनों तक भारी गोलीबारी हुई थी। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि उसकी धरती पर आतंकी हमले करने वाले संगठन अफगानिस्तान से अपनी हिंसक गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं।
काबुल के नशा मुक्ति केंद्र पर भी हो चुका है घातक हमला
इससे पहले मार्च 2026 में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में स्थित ‘ओमिड ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल’ पर लड़ाकू विमानों से बड़ा हमला किया था। यह अस्पताल मुख्य रूप से एक नशा मुक्ति केंद्र था, जिसे पूरी तरह से मलबे के ढेर में बदल दिया गया था।
संयुक्त राष्ट्र की यूनामा (UNAMA) रिपोर्ट के मुताबिक उस अकेले हवाई हमले में करीब 269 निर्दोष नागरिकों की मौत हुई थी। हालांकि तालिबान प्रशासन का दावा था कि उस क्रूर हमले में मरने वाले लोगों की वास्तविक संख्या 400 से भी बहुत ज्यादा थी। इस नए हमले ने तनाव बढ़ा दिया है।
Author: Pallavi Sharma


