ट्रंप का ‘ईरान मिशन’ तैयार: पेंटागन ने सौंपे तबाही के 4 खौफनाक विकल्प, क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है?

United States News: मिडिल ईस्ट में शांति की तमाम उम्मीदें अब दम तोड़ती नजर आ रही हैं। पूरी दुनिया की धड़कनें इस वक्त वाइट हाउस के अगले फैसले पर टिकी हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ ‘अंतिम प्रहार’ की तैयारी कर ली है। अगर बातचीत का आखिरी दौर विफल रहता है, तो ट्रंप सीधे सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकते हैं। पेंटागन ने राष्ट्रपति को चार ऐसे रणनीतिक विकल्प सौंपे हैं, जो ईरान की आर्थिक और सैन्य कमर तोड़ कर रख देंगे। इन विकल्पों में तेल ठिकानों पर कब्जे से लेकर परमाणु केंद्रों को तबाह करने तक की योजना शामिल है।

ईरान की तेल अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन पर कब्जा

पेंटागन की पहली और सबसे महत्वपूर्ण योजना खार्ग द्वीप पर कब्जा करना है। यह द्वीप ईरान के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी जैसा है। यहां से ईरान का लगभग 80 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल निर्यात होता है। अगर अमेरिका इस पर कब्जा कर लेता है, तो ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी। इसके अलावा, लारक द्वीप पर नियंत्रण की योजना भी तैयार है। यहां से ईरान नागरिक जहाजों पर नजर रखता है। इस पर कब्जे का मतलब है पूरे समुद्री मार्ग पर अमेरिकी हुकूमत।

अबू मूसा द्वीप और तेल टैंकरों की जब्ती

अमेरिकी सेना की नजरें अबू मूसा द्वीप पर भी जमी हैं। पूर्वी फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप जहाजों के आने-जाने के लिए गेटवे का काम करता है। इस पर हमले से न केवल ईरान कमजोर होगा, बल्कि अमेरिका के करीबी दोस्त यूएई (UAE) की स्थिति भी मजबूत होगी। चौथे विकल्प के तहत अमेरिकी नौसेना समुद्र के बीचों-बीच ईरानी तेल टैंकरों को जब्त कर सकती है। इससे ईरान का विदेशों में होने वाला सारा कारोबार ठप हो जाएगा।

परमाणु ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी

केवल तेल ही नहीं, अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी जड़ से मिटाना चाहता है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी कमांडो ईरान के परमाणु ठिकानों में घुसकर वहां मौजूद अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को जब्त कर सकते हैं। ईरान के पास इस वक्त लगभग 440 किलोग्राम खतरनाक यूरेनियम जमा हो चुका है। अगर जमीनी सेना उतारना बहुत जोखिम भरा लगा, तो अमेरिका बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर सकता है। इन हमलों का मकसद ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा केंद्रों को पूरी तरह मलबे में तब्दील करना होगा।

ट्रंप का ‘आर या पार’ वाला तेवर

वाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति ट्रंप अब रुकने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि अगर जल्द ही कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो वे युद्ध का रास्ता चुनेंगे। ट्रंप ने अभी तक किसी एक योजना पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है, लेकिन उनकी तैयारियों ने दुनिया को डरा दिया है। रणनीतिकारों का मानना है कि यह तनाव सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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