Japan News: जापान के सबसे बड़े और घनी आबादी वाले होंशू द्वीप पर गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई है। जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर था। गनीमत रही कि इतनी तीव्रता के बावजूद फिलहाल सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया है। जापानी अधिकारी अब नुकसान का आकलन कर रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
होंशू द्वीप के पूर्वी तट पर मची अफरा-तफरी
भूकंप उस वक्त आया जब लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। होंशू द्वीप, जहां जापान की अधिकांश आबादी रहती है, वहां कंपन महसूस होते ही लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। जीएफजेड की रिपोर्ट बताती है कि भूकंप का केंद्र काफी उथला था, जिससे झटके ज्यादा तेज महसूस हुए। हालांकि, जापान की उन्नत भूकंपरोधी तकनीक और बुनियादी ढांचे की वजह से अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है।
सुनामी की कोई चेतावनी नहीं, स्थिति पर नजर
जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी और स्थानीय मीडिया ‘जापान न्यूज’ ने स्पष्ट किया है कि समुद्र के जलस्तर में किसी असामान्य हलचल के संकेत नहीं हैं। यही वजह है कि सुनामी की कोई औपचारिक चेतावनी जारी नहीं की गई। फिलहाल विशेषज्ञ यह देख रहे हैं कि क्या इस भूकंप के बाद कोई आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद के झटके) आने की संभावना है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अधिकारी कर रहे हैं सुरक्षा उपायों का आकलन
जापान सरकार और आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर हैं। स्थानीय अधिकारी सड़कों, पुलों और बिजली ग्रिड की बारीकी से जांच कर रहे हैं। भूकंप के बाद की स्थिति पर केंद्र सरकार की सीधी नजर है। प्रशासन यह देख रहा है कि क्या जन सुरक्षा के लिए किसी विशेष कदम या निकासी अभियान की जरूरत है। जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप संभावित क्षेत्रों में से एक है, इसलिए वहां का प्रशासन ऐसे हालात से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहता है।


