‘बिग टेक’ पर टैक्स को लेकर ट्रंप की ब्रिटेन को खुली धमकी, बोले- ‘हटाओ वरना भुगतो भारी टैरिफ’

London News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर के बीच ‘डिजिटल सेवा कर’ (DST) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ब्रिटेन ने अमेरिकी तकनीकी कंपनियों पर लगाया गया यह कर वापस नहीं लिया, तो वह ब्रिटिश उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाएंगे। ट्रंप का आरोप है कि यह कर विशेष रूप से अमेरिकी दिग्गजों को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब अगले सप्ताह ब्रिटेन के राजा चा‌र्ल्स अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं।

एपल, गूगल और मेटा जैसी कंपनियों को बचाने के लिए कड़ा रुख

ब्रिटेन सरकार द्वारा 2020 में लागू किया गया 2 प्रतिशत डिजिटल सेवा कर मुख्य रूप से उन कंपनियों पर लागू होता है जिनका वैश्विक राजस्व 500 मिलियन पाउंड से अधिक है। डोनाल्ड ट्रंप ने ‘द टेलीग्राफ’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं है जब दूसरे देश हमारी महान अमेरिकी कंपनियों को अनुचित रूप से निशाना बनाते हैं। उनके निशाने पर एपल, गूगल और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां हैं। ट्रंप के अनुसार, ये कंपनियां दुनिया की शीर्ष कंपनियां हैं और इनके खिलाफ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

टैरिफ युद्ध की आहट: ‘ब्रिटेन को जो मिल रहा है, उससे कहीं ज्यादा देना होगा’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रिटेन को सचेत करते हुए कहा कि उनके पास इस कर का जवाब देने का एक बहुत ही आसान तरीका है—भारी टैरिफ। जब उनसे टैरिफ के स्तर के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह ‘उससे कहीं अधिक होगा जितना वे वर्तमान में कर से प्राप्त कर रहे हैं।’ हालिया आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन को इस कर से वित्त वर्ष 2025-26 में 944 मिलियन पाउंड का राजस्व प्राप्त हुआ है। ट्रंप की इस धमकी ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में अस्थिरता पैदा कर दी है।

राजा चार्ल्स की यात्रा से पहले बढ़ी कूटनीतिक तल्खी

यह बयान कूटनीतिक रूप से काफी संवेदनशील समय पर आया है, क्योंकि राजा चार्ल्स III अगले सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को अमेरिका की अपनी पहली राजकीय यात्रा शुरू करने वाले हैं। हालांकि ट्रंप ने राजा चार्ल्स की तारीफ की है, लेकिन प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर की नीतियों के प्रति उनका रुख बेहद सख्त बना हुआ है। ट्रंप का मानना है कि यदि ब्रिटेन अपनी आव्रजन नीतियों और उत्तरी सागर में तेल-गैस निष्कर्षण पर रुख नहीं बदलता, तो स्टार्मर के लिए रिश्ते सुधारना मुश्किल होगा। वाशिंगटन और लंदन के बीच व्यापार और सुरक्षा मुद्दों पर पहले से ही मतभेद चल रहे हैं।

डाउनिंग स्ट्रीट का रुख स्पष्ट: कर को बताया उचित और आवश्यक

ट्रंप की खुली धमकी के बावजूद, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय (10 डाउनिंग स्ट्रीट) ने अपना रुख बदलने से इनकार कर दिया है। सरकार के प्रवक्ता ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि डिजिटल सेवा कर को लेकर ब्रिटेन की स्थिति अपरिवर्तित है। ब्रिटेन का तर्क है कि यह कर यह सुनिश्चित करने के लिए ‘न्यायसंगत और आनुपातिक’ है कि बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म अपने आर्थिक गतिविधियों के आधार पर देश के खजाने में उचित योगदान दें। ब्रिटेन इसे तब तक हटाने के पक्ष में नहीं है जब तक कि बहुपक्षीय वैश्विक कर समझौते (OECD) पर आम सहमति नहीं बन जाती।

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