ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के लापता होने का सनसनीखेज दावा, क्या अमेरिका के डर से छिपे हैं खुफिया बंकर में?

World News: ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ताओं के दावों के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई किसी बेहद गुप्त और अनजान जगह पर छिपे हुए हैं। वहां से बाहरी दुनिया के साथ उनका संपर्क पूरी तरह कट चुका है।

होर्मुज स्ट्रेट पर गहराते तनाव के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने बड़ा दावा किया है। युद्ध के बाद से ही मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ रही थीं। अब साफ हुआ है कि वह अपनी जान बचाने के लिए बेहद सख्त सुरक्षा घेरे में अज्ञातवास पर चले गए हैं।

कूरियर नेटवर्क के भरोसे चल रही है ईरान सरकार

अमेरिकी खुफिया एजेंसी के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत के लिए नियुक्त ईरानी अधिकारियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुप्रीम लीडर तक कोई भी संदेश भेजने के लिए सिर्फ कूरियर नेटवर्क का सहारा लिया जा रहा है। इसी वजह से दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है।

अमेरिकी मीडिया सीबीएस की रिपोर्ट बताती है कि जब भी वाशिंगटन कोई प्रस्ताव भेजता है, तो उसका जवाब आने में कई दिनों का वक्त लग जाता है। खामेनेई तक फाइलों को पहुंचाने और वहां से मंजूरी वापस लाने की प्रक्रिया बहुत जटिल हो चुकी है। इस संचार संकट ने ईरानी प्रशासन को लाचार कर दिया है।

मंत्रियों को भी नहीं पता सुप्रीम लीडर का ठिकाना

ताजा रिपोर्ट के अनुसार मोजतबा खामेनेई इस समय बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। ईरानी सरकार के सबसे शीर्ष मंत्रियों और सैन्य कमांडरों को भी उनके मौजूदा ठिकाने की कोई जानकारी नहीं है। कोई भी बड़ा अधिकारी सीधे तौर पर अपने सर्वोच्च नेता से संपर्क करने की हैसियत में नहीं है।

कूरियर का जो खुफिया नेटवर्क बनाया गया है, वह इस तरह काम करता है कि संदेश ले जाने वाले को भी अंतिम मंजिल का पता नहीं होता। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इसी गोपनीयता के कारण वॉशिंगटन को मिलने वाली हर जानकारी पुरानी हो जाती है। इससे रणनीतिक फैसले समय पर नहीं हो पा रहे हैं।

हमले में घायल होने के बाद से नहीं आए सामने

खुफिया अधिकारियों ने खुलासा किया है कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान अमेरिकी और इजरायली हमलों में मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी युद्ध के दौरान अमेरिकी खुफिया इनपुट की मदद से ईरान के कई बड़े सैन्य और प्रशासनिक नेताओं को ट्रैक करके मार गिराया गया था।

अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से मोजतबा पूरी तरह सतर्क हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से उन्हें कभी भी जनता के बीच लाइव नहीं देखा गया है। हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया लगातार उनके नाम से लिखित संदेश जारी करता रहता है, ताकि देश में उनकी मौजूदगी का भ्रम बना रहे।

Author: Pallavi Sharma

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