Delhi News: नई दिल्ली में रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अचानक असहज हो गए। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मौजूदगी में उनसे अमेरिका में भारतीयों पर हो रही नस्लीय टिप्पणियों पर सवाल पूछा गया। यह तीखा सवाल सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुराने विवादित बयानों की तरफ एक बड़ा इशारा था।
मार्को रूबियो ने बेवकूफ वाले बयान पर क्या सफाई दी?
इस अप्रत्याशित सवाल को सुनकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो शुरुआती कुछ पलों के लिए पूरी तरह हैरान रह गए। हालांकि, उन्होंने तुरंत खुद को संभाला और कहा कि दुनिया के हर देश में बेवकूफ लोग मौजूद होते हैं। उन्होंने साफ किया कि ऐसी इक्का-दुक्का टिप्पणियां पूरे अमेरिका की सोच को नहीं दर्शाती हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इंटरनेट और अन्य जगहों पर लोग लगातार ऐसी बातें लिखते रहते हैं। रूबियो ने माना कि अमेरिका और भारत दोनों ही जगहों पर कुछ ऐसे लोग हैं, जो हर समय बिना सोचे-समझे ऐसी बेवकूफी भरी और विवादित टिप्पणियां करते रहते हैं।
क्या अमेरिका प्रवासियों के लिए आज भी सुरक्षित देश है?
मार्को रूबियो ने द्विपक्षीय बातचीत के दौरान अमेरिका को आज भी प्रवासियों के लिए सबसे सुरक्षित और स्वागत करने वाला देश बताया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया से आए हुनरमंद प्रवासियों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को समृद्ध किया है। इन प्रवासियों ने वहां की जीवनशैली को अपनाकर देश की तरक्की में एक बहुत बड़ा योगदान दिया है।
दरअसल, इस साल अप्रैल महीने में डोनाल्ड ट्रंप ने ‘द सैवेज नेशन’ टॉक रेडियो शो का एक अंश सोशल मीडिया पर साझा किया था। इस शो में कंज़र्वेटिव कमेंटेटर माइकल सैवेज ने भारत और चीन जैसी जगहों को ‘नरक’ कहा था। उन्होंने वहां से आने वाले प्रवासियों की नागरिकता पर भी सवाल उठाए थे।
भारत सरकार ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साझा की गई इन नस्लीय टिप्पणियों पर तुरंत अपनी बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई थी। विदेश मंत्रालय ने इसे अधूरी जानकारी पर आधारित और बेहद खराब सोच का नतीजा बताया था। रूबियो इस समय भारत के साथ व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने दिल्ली आए हैं।
Author: Pallavi Sharma


