Patna News: बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक भव्य AI समिट में राज्य के विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य आधार बनाने पर जोर दिया गया। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने कहा कि कृषि, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में AI का उपयोग बिहार को बेंगलुरु और पुणे जैसे बड़े तकनीकी शहरों की श्रेणी में खड़ा कर सकता है।
राज्यपाल ने इस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के पास प्राचीन ज्ञान की समृद्ध परंपरा है। अब समय आ गया है कि इस पुराने ज्ञान को आधुनिक डेटा और AI तकनीक के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने कृषि क्षेत्र में फसल प्रबंधन, सटीक मौसम पूर्वानुमान और बेहतर जल प्रबंधन के लिए AI की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।
चिकित्सा और शिक्षा में AI का कमाल
समिट में चिकित्सा क्षेत्र में AI की उपयोगिता पर विशेष चर्चा हुई। राज्यपाल ने साझा किया कि कैसे AI ‘सेकंड ओपिनियन’ के लिए एक सटीक माध्यम बन सकता है। उन्होंने बताया कि जटिल मेडिकल डेटा का विश्लेषण कर AI मरीजों को बेहतर जानकारी दे सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार संभव है।
शिक्षा और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी AI के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बिहार में इनोवेशन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाए, तो राज्य के युवा तकनीकी क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकते हैं। इसके लिए डेटा-संचालित नीतियों पर कार्य करना अब राज्य की प्राथमिकता है।
हर घर नल-जल में AI की तकनीक
इस अवसर पर पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह ने बताया कि जल प्रबंधन में AI का प्रयोग क्रांतिकारी होगा। ‘हर घर नल-जल’ योजना के तहत शुद्ध पेयजल की आपूर्ति और गुणवत्ता की रियल टाइम जांच के लिए अब AI मॉडल विकसित किए जा रहे हैं। इससे गांव-गांव में पानी की आपूर्ति की समस्याओं को तुरंत सुधारा जा सकेगा और लीकेज जैसी समस्याओं पर भी काबू पाया जा सकेगा।
विधायकों और युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
CIMP के निदेशक प्रो. राणा सिंह ने बिहार के विकास के लिए एक बड़ी योजना साझा की है। राज्य के विधायकों (MLA) और विधान पार्षदों (MLC) को नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर और IIT के विशेषज्ञों के साथ मिलकर AI का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, CIMP में पांच हजार छात्रों को AI तकनीक में दक्ष बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
समिट के दौरान CIMP में देश का पहला ‘विकसित बिहार रणनीति कक्ष’ स्थापित करने की जानकारी भी दी गई, जिसे सवा आठ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह केंद्र राज्य के नीति निर्माताओं और युवाओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में विशेष सचिव अरविंद कुमार चौधरी और बीआइए अध्यक्ष रामलाल खेतान भी मौजूद रहे।
Author: Amit Yadav


