होर्मुज की लहरों से निकली भारत की रसोई: LPG से लदे दो और जहाज वतन की ओर, क्या खत्म होगा गैस संकट?

Gulf News: खाड़ी क्षेत्र के तनावपूर्ण समंदर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मुश्किल राहों को पार कर भारत के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) से लदे दो विशाल टैंकर, ‘BW Elm’ और ‘BW Tyr’ ने सफलतापूर्वक इस रणनीतिक जलमार्ग को पार कर लिया है। शिप ट्रैकिंग डेटा LSEG और Kpler की रिपोर्ट बताती है कि ये दोनों जहाज अब पूरी रफ्तार से भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं। यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब पूरी दुनिया की नजरें इस सबसे अहम एनर्जी सप्लाई रूट पर टिकी हुई हैं।

खतरे के बीच से निकला सुरक्षित रास्ता

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दुनिया की ऊर्जा नाड़ी कहा जाता है। यहां पैदा होने वाला जरा सा भी तनाव वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में आग लगा सकता है। भारत के लिए इन दो टैंकरों का सुरक्षित निकलना किसी बड़ी जीत से कम नहीं है। देश अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 60 फीसदी हिस्सा आयात करता है। इसमें भी 90 प्रतिशत से अधिक आपूर्ति मिडिल ईस्ट के देशों से ही होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन जहाजों के पहुंचने से घरेलू बाजार में कुकिंग गैस की उपलब्धता को लेकर बनी अनिश्चितता के बादल छंटेंगे।

भारत के फंसे हुए जहाजों की घर वापसी

भारत सरकार की कूटनीति और जहाजरानी मंत्रालय की सतर्कता का असर अब दिखने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय एलपीजी कार्गो को धीरे-धीरे सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। अब तक शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस और जग वसंत जैसे चार प्रमुख टैंकर वहां से निकल चुके हैं। हालांकि, चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। शिपिंग मिनिस्ट्री के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार, पिछले शुक्रवार तक 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए थे, जिनमें पांच एलपीजी वाहक शामिल थे।

दशकों के सबसे बड़े गैस संकट की चुनौती

भारत इस वक्त दशकों के सबसे गंभीर गैस संकट से जूझ रहा है। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक होने के नाते, भारत पर दबाव बहुत अधिक है। पिछले साल देश में 33.15 मिलियन मीट्रिक टन रसोई गैस की खपत हुई थी। घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। फिलहाल उद्योगों को दी जाने वाली गैस आपूर्ति में कटौती की गई है ताकि आम घरों के चूल्हे जलते रहें। भारत न केवल नए कार्गो मंगा रहा है, बल्कि वहां फंसे अपने खाली जहाजों में भी एलपीजी भरवाकर उन्हें जल्द से जल्द लाने की कोशिश में जुटा है।

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