World News: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सरकार ने बच्चों को डिजिटल दुनिया के गंभीर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए एक ऐतिहासिक और बेहद कड़ा फैसला लिया है। शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की यूएई सरकार ने अब देश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने के लिए न्यूनतम उम्र 15 साल तय कर दी है।
पूरी दुनिया में बच्चों के बीच सोशल मीडिया की तेजी से बढ़ती पहुंच और उसके गंभीर मानसिक व शारीरिक दुष्प्रभावों को लेकर चिंताएं लगातार गहराती जा रही थीं। इसी डिजिटल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूएई सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस तरह का सख्त कानून लागू करने वाला यूएई अब पहला अरब देश बन गया है।
यूएई सरकार की तरफ से गुरुवार को इस ऐतिहासिक मामले से जुड़ा एक नया कानून बाकायदा पास कर दिया गया है। इस नए और कड़े नियम के लागू होने के बाद अब देश में 15 साल से कम उम्र के बच्चे किसी भी प्लेटफॉर्म पर अपना पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट बिल्कुल नहीं बना सकेंगे।
नए नियमों के मुताबिक, अब तय उम्र से छोटे बच्चे सोशल मीडिया पर न तो अपनी कोई पोस्ट डाल सकेंगे और न ही किसी दूसरी पोस्ट पर कोई कमेंट कर सकेंगे। इसके साथ ही सरकार ने बच्चों के किसी भी तरह के सोशल मीडिया पब्लिक ग्रुप्स और कम्युनिटी में शामिल होने पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है।
15 से 16 साल के बच्चों के लिए लागू होंगे पेरेंटल कंट्रोल के कड़े नियम
सरकार ने कानून में यह भी साफ किया है कि जिन बच्चों की उम्र 15 से 16 साल के बीच होगी, केवल उन्हें ही कुछ शर्तों के साथ सोशल मीडिया चलाने की इजाजत दी जाएगी। हालांकि, इन किशोरों को भी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सरकार द्वारा तय विशेष सेफ्टी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना होगा।
इन सुरक्षा नियमों के तहत कंपनियों को बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से ही सुरक्षित कंटेंट दिखाना होगा। साथ ही अनजान लोगों से सीधी बातचीत पर रोक, पेरेंट्स की सख्त निगरानी और स्क्रीन टाइम को कंट्रोल करने वाले विशेष डिजिटल टूल्स को अनिवार्य रूप से लागू करना इस नियम का मुख्य हिस्सा है।
सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए अब देना होगा उम्र का पुख्ता डिजिटल सबूत
यूएई सरकार के मुताबिक, सोशल मीडिया को लेकर जारी किए गए ये नए नियम देश के भीतर संचालित होने वाले सभी छोटे-बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर समान रूप से लागू होंगे। अब सभी टेक कंपनियों को अपने यूजर्स की सही उम्र की जांच करने के लिए बेहद मजबूत और आधुनिक तरीके अपनाने होंगे।
इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए एडवांस्ड डिजिटल आईडी वेरिफिकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। अब सिर्फ यूजर की तरफ से कह देना या गलत जन्मतिथि भर देना मान्य नहीं होगा, बल्कि अकाउंट बनाने के लिए पुख्ता सरकारी सबूत देना होगा।
Author: Pallavi Sharma


