Kathmandu News: नेपाल की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की सरकार ने साल 2001 में हुए कुख्यात नारायणहिति राजमहल हत्याकांड की दोबारा जांच कराने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इस भीषण नरसंहार में तत्कालीन राजा बीरेंद्र शाह और उनके पूरे परिवार की दर्दनाक मौत हो गई थी।
नेपाल के नवनियुक्त गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने पद संभालते ही इस संवेदनशील मामले की फाइलें दोबारा खोलने का कड़ा आदेश जारी किया है। उन्होंने साफ कहा कि देश के इतिहास के इस सबसे बड़े और रहस्यमयी हत्याकांड के सभी पुराने दस्तावेजों, सबूतों और पुरानी जांच रिपोर्टों की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी।
युवराज दीपेंद्र पर लगा था सामूहिक हत्या का आरोप
जून 2001 में काठमांडू के नारायणहिति राजमहल में हुए इस खूनी खेल ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। उस वक्त की आधिकारिक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नशे में धुत युवराज दीपेंद्र शाह ने अंधाधुंध फायरिंग कर अपने पिता राजा बीरेंद्र, माता रानी ऐश्वर्या, भाई-बहन और अन्य रिश्तेदारों को मौत के घाट उतार दिया था।
पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, अपने ही परिवार को गोलियों से भूनने के बाद युवराज दीपेंद्र ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि, उस समय आई इस सरकारी रिपोर्ट को नेपाल की आम जनता, तत्कालीन सुरक्षा विशेषज्ञों और कई राजनीतिक दलों ने सिरे से खारिज कर दिया था और इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश माना था।
गृह मंत्री ने कहा- हर फाइल को दोबारा खंगाला जाएगा
गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने कार्यभार संभालने के बाद अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और पुराने अनसुलझे मामलों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए हर आपराधिक फाइल को दोबारा खोला जाएगा। इस कड़ी में नारायणहिति पैलेस हत्याकांड की जांच उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
गुरुंग ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 25 साल पहले की गई जांच में कई तरह की कमियां और विरोधाभास थे। अब सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों का नए सिरे से अवलोकन किया जाएगा ताकि इस त्रासदी के पीछे छिपे असली सच को दुनिया के सामने लाया जा सके। इस घोषणा के बाद से नेपाल के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी होकर लौटे गृह मंत्री
सुधन गुरुंग का गृह मंत्री के रूप में दोबारा लौटकर आना भी काफी चर्चा में है। कुछ समय पहले वित्तीय अनियमितताओं और शेयरों के विवाद में नाम आने के बाद उन्होंने नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई थी।
न्यायिक समिति की जांच में पूरी तरह पाक-साफ और बेदाग साबित होने के बाद सुधन गुरुंग को नेपाल सरकार में फिर से शामिल किया गया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। दोबारा गृह मंत्री बनते ही उन्होंने देश के इस सबसे बड़े राजशाही हत्याकांड की फाइल खोलकर बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं।
Author: Pallavi Sharma


