Washington News: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने साथी देशों को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब दुनिया का अकेला ठेकेदार नहीं है। ईरान के साथ चल रहे भयंकर युद्ध के बीच उन्होंने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि जो देश युद्ध में छिप गए थे, वे अब मदद की उम्मीद न करें। ट्रंप अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति पर मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने साफ कहा है कि सभी देशों को अपनी सुरक्षा का जिम्मा खुद उठाना होगा।
ब्रिटेन और सहयोगियों को सख्त संदेश
ट्रंप ने ब्रिटेन और अन्य साथी देशों को बहुत कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका हर बार उनकी ढाल नहीं बनेगा। जब ईरान के खिलाफ मोर्चा खोलने का समय आया था, तब कई देश पीछे हट गए थे। अब इन देशों को तेल और सुरक्षा की कमी सता रही है। ट्रंप ने कहा कि अब इन देशों को खुद मैदान में उतरना चाहिए। दोस्ती का मतलब केवल फायदे उठाना नहीं होता है। संकट के समय में सच्चा साथ देना भी बहुत जरूरी है।
ऊर्जा संकट और अमेरिका का नया दांव
होर्मुज की खाड़ी में इस समय भारी तनाव बना हुआ है। इस कारण दुनियाभर में जेट फ्यूल की सप्लाई बुरी तरह ठप है। इस मौके पर डोनाल्ड ट्रंप ने एक बहुत चतुर व्यापारी वाली चाल चली है। उन्होंने कहा कि जिन देशों को तेल चाहिए, वे सीधे अमेरिका से खरीदें। अमेरिका के पास अपनी जरूरत से ज्यादा तेल का भंडार मौजूद है। उन्होंने देशों को खाड़ी देशों के भरोसे न रहने की सलाह दी। ट्रंप ने कहा कि देश खुद जाकर होर्मुज की खाड़ी पर अपना नियंत्रण बनाएं।
फ्रांस के धोखे पर बुरी तरह भड़के ट्रंप
इस महायुद्ध में फ्रांस के रवैये ने ट्रंप को बहुत ज्यादा गुस्सा दिला दिया है। युद्ध में इजराइल की मदद के लिए अमेरिकी सैन्य विमान जा रहे थे। तब फ्रांस ने अपने आसमान का इस्तेमाल करने से साफ मना कर दिया था। ट्रंप ने फ्रांस की इस हरकत को एक बड़ा धोखा और बुरा बर्ताव बताया है। उन्होंने खुली चेतावनी दी है कि अमेरिका इस धोखे को कभी नहीं भूलेगा। आने वाले वक्त में फ्रांस को इसके बहुत गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे।
मिडिल ईस्ट में भारी तबाही और नया मोड़
ईरान के साथ इस जंग में अब तक बहुत भारी तबाही मच चुकी है। मिडिल ईस्ट में तीन हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें कई बहादुर अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका ने ईरान की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपना सबसे मुश्किल काम पूरा कर लिया है। अब ट्रंप चाहते हैं कि दूसरे देश आगे आएं और इस युद्ध की कमान संभालें। अमेरिका अब अपने संसाधनों को लंबे समय तक खतरे में नहीं डालेगा।


