तमिलनाडु में बड़ा राजनीतिक भूचाल: IUML ने DMK से तोड़ा 60 साल पुराना नाता, CM विजय की TVK से मिलाया हाथ

Chennai News: तमिलनाडु की राजनीति में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक उलटफेर सामने आया है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन से अपना नाता पूरी तरह तोड़ लिया है। इसके साथ ही दोनों दलों के बीच पिछले 60 वर्षों से चला आ रहा पुराना राजनीतिक रिश्ता खत्म हो गया है।

मुस्लिम लीग ने अब राज्य के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के साथ अपनी नई राजनीतिक साझेदारी पर पूरा भरोसा जताया है। आईयूएमएल के वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को चेन्नई में आयोजित पार्टी की राज्य आम परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में इस बड़े फैसले की आधिकारिक घोषणा की।

तमिलनाडु की सियासत में अभिनेता से राजनेता बने मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके के उदय ने कई स्थापित दलों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। राज्य का अल्पसंख्यक वोट बैंक, जो पारंपरिक रूप से हमेशा डीएमके का साथ देता था, उसने इस बार चुनाव में टीवीके के पक्ष में जमकर मतदान किया है।

जनता के जनादेश का सम्मान और टीवीके सरकार को समर्थन

चेन्नई में हुई इस आम सभा की बैठक में कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए। पारित प्रस्तावों में स्पष्ट रूप से कहा गया कि पार्टी ने साल 2026 के विधानसभा चुनावों में सूबे की जनता द्वारा दिए गए स्पष्ट जनादेश का पूरा सम्मान करते हुए तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) सरकार के गठन का खुला समर्थन किया है।

प्रस्ताव में आगे कहा गया कि आईयूएमएल अब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नई सरकार का एक सक्रिय हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए अब डीएमके के पुराने गठबंधन में बने रहना पार्टी के लिए किसी भी स्थिति में व्यावहारिक रूप से संभव नहीं रह गया था।

बैठक को संबोधित करते हुए आईयूएमएल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के.एम. कादर मोहिदीन ने बताया कि इस ऐतिहासिक आम सभा में कुल 481 सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें 14 मुख्य प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। उन्होंने राज्य में हुए इस राजनीतिक पुनर्गठन को पार्टी का सबसे महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला बताया।

केरल और तमिलनाडु के चुनावी प्रदर्शन पर डाला प्रकाश

कादर मोहिदीन ने पार्टी के हालिया चुनावी प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए बताया कि आईयूएमएल ने पड़ोसी राज्य केरल में 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से रिकॉर्ड 22 सीटों पर शानदार जीत हासिल की। वहीं तमिलनाडु में भी पार्टी ने धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील मोर्चे के तहत दो सीटों पर फतह दर्ज की थी।

डीएमके के साथ अपने छह दशकों के जुड़ाव को याद करते हुए मोहिदीन ने कहा कि आईयूएमएल 1967 से इस गठबंधन का सबसे वफादार हिस्सा रही थी। पार्टी ने पूर्व में द्रमुक के बैनर तले कई स्थानीय निकाय, विधानसभा और संसदीय चुनाव जीते और एमके स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाने के लिए भी पूरा जोर लगाया था।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय ने राज्य की राजनीति में कदम रखते ही एक नया इतिहास रच दिया है। टीवीके के नेतृत्व वाले इस नए मोर्चे के आधिकारिक नाम की घोषणा होने के बाद आईयूएमएल भी उसी नाम का उपयोग करेगी। पार्टी को उम्मीद है कि नए गठबंधन से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में उन्हें बेहतर प्रतिनिधित्व मिलेगा।

CM विजय का बड़ा फैसला: छात्रों के खाते में भेजे 1000 रुपये

इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने जनता के हित में एक और बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। उन्होंने हाल ही में ऐलान किया था कि राज्य की जनता के लिए पिछली सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी जरूरी कल्याणकारी योजनाएं बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रहेंगी।

इसी क्रम में आज सरकार द्वारा ‘तमिल पुधुवन’ और ‘पुधुमाइपेन’ (Pudhumaipen) योजनाओं के तहत राज्य के पात्र छात्रों के बैंक खातों में 1000 रुपये की मासिक छात्रवृत्ति राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। मुख्यमंत्री के इस कदम की आम छात्रों और अभिभावकों के बीच काफी सराहना की जा रही है।

Karthik Srinivasan

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

बेरोजगार युवाओं के लिए मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, क्या इस नई योजना से सबको मिलेगी पक्की नौकरी?

Himachal Pradesh News: प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई)...

Related Articles

Popular Categories