सावधान! AI की ‘नकली दुल्हन’ और फर्जी सास का मायाजाल, शादी के नाम पर ऐसे लूटे करोड़ों रुपये

Barabanki News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और फर्जी पहचान के सहारे शादी का झांसा देने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मैरिज ब्यूरो और कॉल सेंटर की आड़ में चल रहे इस गिरोह ने लोगों से करोड़ों रुपये ठगे हैं। शातिर ठगों ने न केवल नकली दुल्हन तैयार की, बल्कि एक टेलीकॉलर को उसकी मां बनाकर भी पीड़ितों से मोटी रकम ऐंठी।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक मासूम लोगों से करीब पांच करोड़ रुपये की ठगी की है। बाराबंकी के रामनगर निवासी पीड़ित चंद्रेश ने शनिवार को पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि मार्च 2024 में कानपुर के एक कथित मैरिज ब्यूरो से उनके पास फोन आया था।

कॉल करने वाली राधिका नाम की युवती ने चंद्रेश को शादी कराने का पूरा भरोसा दिलाया था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, जरूरी दस्तावेज और अन्य शुल्कों के नाम पर उनसे लाखों रुपये वसूल लिए गए। पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए बाद में पूर्वी नाम की एक अन्य युवती से भी मिलवाया गया था।

बीमारी का बहाना बनाकर ऐंठे पैसे

पूर्वी की एआई जनित तस्वीरों और मीठी बातों के जाल में फंसकर पीड़ित शादी के सपने देखने लगा। कुछ दिनों बाद पूर्वी ने अपनी मां बताकर एक अन्य महिला से पीड़ित की बात कराई। कथित मां ने अपनी गंभीर बीमारी और इलाज का हवाला देकर पीड़ित से बार-बार ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए।

ठगों ने कभी दो हजार तो कभी चार हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से मंगाए। पीड़ित ने बताया कि दोनों महिलाएं फोन पर इतनी भावनात्मक बातें करती थीं कि उसे कभी धोखे का एहसास ही नहीं हुआ। जब शक हुआ, तब पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।

मामला दर्ज होने के बाद साइबर थाना पुलिस की टीम ने तीन सक्रिय कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी की। पुलिस ने कॉल सेंटर के मुख्य संचालक रंजीश कुमार गौड़ को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग भिलाई का रहने वाला है, जिससे लगातार पूछताछ जारी है।

पकड़ा गया गिरोह का मास्टरमाइंड

साइबर पुलिस की जांच में यह साफ हुआ है कि गिरोह ने एआई जनित तस्वीरों और फर्जी प्रोफाइल का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया था। साइबर क्राइम थाना प्रभारी सतीश चंद्र यादव ने बताया कि मास्टरमाइंड समेत सभी संदिग्धों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है।

इस गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साइबर थाना प्रभारी ने दावा किया है कि जल्द ही इस पूरे मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Author: Ajay Mishra

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