तनाव और उदासी होगी छूमंतर, जानें आपके पसंदीदा संगीत में छिपी है कौन सी चमत्कारी थेरेपी

Health News: संगीत या म्यूजिक हर उम्र के इंसान के जीवन में खास मायने रखता है। यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनाओं को जाहिर करने का बेहतरीन जरिया है। दुख हो या सुख, संगीत हर पल को खास बनाता है। इसी वजह से आज संगीत का इस्तेमाल थेरेपी के रूप में हो रहा है।

म्यूजिक थेरेपी एक ऐसी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारती है। इसमें केवल गाना सुनना ही काफी नहीं है। संगीत पर प्रतिक्रिया देना, वाद्य यंत्र (Instruments) बजाना और गाना गाना भी इस थेरेपी का अहम हिस्सा माना जाता है।

मानसिक और शारीरिक सेहत को मिलते हैं ये बड़े फायदे

डॉ. मनीषा मिश्रा गोस्वामी ने सोशल मीडिया पर इसके कई चमत्कारी फायदे साझा किए हैं। धीमा और सुरीला संगीत सुनने से दिमाग को तुरंत आराम मिलता है। यह मानसिक बेचैनी को शांत करता है। इसी वजह से ध्यान (Meditation) और योग के समय भी विशेष संगीत बजाया जाता है।

म्यूजिक थेरेपी इंसान की सोचने की क्षमता यानी क्रिएटिविटी को भी तेजी से बढ़ाती है। संगीत सुनते समय दिमाग में नए और अनोखे विचार आते हैं। इससे एकाग्रता (Concentration) बढ़ती है। यही कारण है कि लेखक और कलाकार काम करते समय संगीत सुनना पसंद करते हैं।

तेज और एनर्जेटिक संगीत शरीर में नई ऊर्जा भर देता है। यह थकान को दूर कर काम में मन लगाता है। लोग वर्कआउट या रनिंग के दौरान इसीलिए हेडफोन का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, संगीत मन में सकारात्मक ऊर्जा जगाकर आत्मविश्वास को दोगुना कर देता है।

आज की तनावपूर्ण लाइफस्टाइल में म्यूजिक थेरेपी किसी वरदान से कम नहीं है। डॉ. मनीषा के अनुसार, मंत्रों और जाप का संगीत सुनने से मन-मस्तिष्क को गहरा आराम मिलता है। यह खराब मूड को चुटकियों में ठीक कर इंसान को उत्साह से भर देता है।

फ्रांस से शुरू हुआ था वर्ल्ड म्यूजिक डे का सफर

वर्ल्ड म्यूजिक डे का इतिहास बेहद दिलचस्प है। इसकी शुरुआत पहली बार 21 जून 1982 को फ्रांस में हुई थी। फ्रांस के तत्कालीन संस्कृति मंत्री जैक लैंग और संगीतकार मॉरिस फ्लेयरेट ने दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के लिए इस खास दिन को मनाने का प्रस्ताव रखा था।

तभी से हर साल 21 जून को पूरी दुनिया में वर्ल्ड म्यूजिक डे मनाया जाता है। भारत के लिए भी इस दिन का बड़ा महत्व है। हमारे देश में शास्त्रीय संगीत से लेकर लोक संगीत की समृद्ध परंपराएं हैं, जो हमारी मजबूत सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं।

Author: Asha Thakur

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