बोलिविया में तख्तापलट का डर! राष्ट्रपति ने 90 दिनों के लिए लगाई इमरजेंसी, सड़कों पर उतरी सेना

La Paz News: दक्षिण अमेरिकी देश बोलिविया में पिछले 50 दिनों से जारी भीषण सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। देश को पूरी तरह ठप होने से बचाने के लिए राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज ने पूरे देश में 90 दिनों के लिए आपातकाल (इमरजेंसी) की घोषणा कर दी है।

देशभर में हिंसक प्रदर्शनों और मुख्य राजमार्गों पर लगे आर्थिक जाम को हटाने के लिए भारी संख्या में सेना की तैनाती की गई है। इस बड़े आंदोलन की शुरुआत शुरुआत में केवल राष्ट्रपति पाज के इस्तीफे की मांग के साथ हुई थी। लेकिन अब इसमें महंगाई और ईंधन संकट भी जुड़ चुका है।

उग्र प्रदर्शनकारियों ने देश की कई लाइफलाइन कही जाने वाली प्रमुख सड़कों पर बड़े-बड़े बैरिकेड लगा दिए हैं। इस वजह से बोलिविया में खाने-पीने की जरूरी चीजों, पेट्रोल-डीजल और जीवनरक्षक दवाओं की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो गई है, जिससे हाहाकार मचा हुआ है।

आईएमएफ के दबाव में लिया गया फैसला पड़ा भारी

जनता के इस भारी आक्रोश की सबसे मुख्य वजह सरकार द्वारा फ्यूल सब्सिडी को पूरी तरह खत्म करने का अचानक लिया गया फैसला था। सरकार ने यह सख्त कदम देश के बढ़ते वित्तीय घाटे, डॉलर की भारी किल्लत और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों के कारण उठाया था।

इसके साथ ही सरकार के नए भूमि सुधार कानून का भी देश में चौतरफा विरोध हो रहा है। इस विवादित कानून में कृषि भूमि को बैंक कर्ज के लिए गिरवी रखने की अनुमति दी गई थी। स्थानीय गरीब किसानों को डर है कि इससे बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां उनकी जमीनों पर कब्जा कर लेंगी।

बढ़ते विवाद को देखते हुए सरकार ने बाद में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने और भूमि सुधार से जुड़े कुछ विवादित फैसलों को वापस लेने की कोशिश की। लेकिन तब तक आंदोलन काफी उग्र हो चुका था। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सशस्त्र पुलिस बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं।

आंदोलन में अब तक 17 लोगों की मौत, पूर्व राष्ट्रपति का भी समर्थन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हिंसक झड़पों के मामले में अब तक 365 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 37 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। नेशनल हाइवे जाम होने के कारण समय पर इलाज न मिलने से अब तक 17 बेकसूर लोगों की मौत होने की भी आधिकारिक खबर है।

इस बड़े आंदोलन को देश के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस के समर्थकों ने भी अपना खुला समर्थन दे दिया है, जिससे राजनीतिक संकट गहरा गया है। मजदूरों, ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों और शिक्षकों का कहना है कि सरकार देश की आर्थिक स्थिति को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज ने देश के नाम संदेश में कहा कि सड़कों की नाकाबंदी से आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी नर्क बन चुकी है। इसलिए अब सेना और भारी बुलडोजर की मदद से सभी बंद रास्ते हर हाल में खोले जाएंगे ताकि देश में शांति और कानून व्यवस्था बहाल हो सके।

Pallavi Sharma

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