प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों और तीमारदारों के हिंसक टकराव को रोकने के लिए प्रशासन ने उठाया यह बड़ा कदम

Uttar Pradesh News: प्रयागराज के प्रसिद्ध स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच अक्सर तीखी बहस होती थी। इस गंभीर समस्या को सुलझाने के लिए अब अस्पताल प्रशासन पूरी तरह एक्टिव हो गया है। नए प्रबंधन ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है।

अस्पताल के नवनियुक्त प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉक्टर एके वर्मा ने हाल ही में पूरे परिसर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि सबसे ज्यादा अव्यवस्था ट्रामा सेंटर में फैली हुई थी। इस वजह से उन्होंने सुधार कार्यों की शुरुआत सीधे ट्रामा सेंटर से ही की है।

निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि मरीजों को समय पर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नहीं मिल पाती थी। कई बार बेबस परिजन अपने मरीजों को गोद में उठाकर डॉक्टरों के पास ले जाते थे। गेट पर बुनियादी सुविधाओं की इसी भारी कमी के कारण अक्सर विवाद होते थे।

नए आदेश के बाद ट्रामा सेंटर के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही पर्याप्त स्ट्रेचर तैनात कर दिए गए हैं। इसके साथ ही तीमारदारों के बैठने के लिए कुर्सियां, पंखे और ठंडे पानी की उत्तम व्यवस्था की जा रही है। इससे गंभीर मरीजों को अब तुरंत राहत मिल सकेगी।

अस्पताल प्रशासन ने एक्टिव की विशेष हेल्प डेस्क

प्रधानाचार्य ने निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत की। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल में सही जानकारी न मिलने के कारण वे ज्यादा परेशान होते हैं। इसी भ्रम और भागदौड़ में उनका मानसिक तनाव बहुत बढ़ जाता है।

इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन अब अपनी मुख्य हेल्प डेस्क को ज्यादा एक्टिव कर रहा है। वहां तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों को तीमारदारों के साथ बेहद संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे मरीजों के परिजनों को समय पर सही जानकारी मिलेगी।

अस्पताल परिसर में अनावश्यक भीड़ और बाहरी लोगों की आवाजाही को रोकने की एक नई योजना बनी है। इसके तहत प्रशासन जल्द ही एक नया रोगी सहायक पास सिस्टम लागू करने जा रहा है। इससे वार्डों के भीतर होने वाली भारी भीड़ को रोका जा सकेगा।

प्रशासन का मानना है कि एक मरीज के साथ केवल सीमित और चिन्हित मददगार ही अंदर रहने चाहिए। इससे डॉक्टरों को गंभीर मरीजों के इलाज में कोई बाधा नहीं आएगी। यह नया सिस्टम अस्पताल के पूरे माहौल को शांत और नियंत्रित रखने में मदद करेगा।

संवेदनशील वार्डों में तैनात होगी अतिरिक्त सुरक्षा

अस्पताल प्रबंधन ने परिसर के भीतर तीन ऐसे संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया है जहां सबसे ज्यादा विवाद होते हैं। इनमें ट्रामा सेंटर, इमरजेंसी मेडिसिन और मेडिसिन आईसीयू शामिल हैं। इन तीनों जगहों पर चौबीस घंटे बेहद गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं।

प्रशासन अब इन तीनों वार्डों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही वहां के स्थानीय स्टाफ की सीधी जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। छोटी अव्यवस्थाओं को बड़ी बहस में बदलने से पहले ही रोक दिया जाएगा।

एसआरएन अस्पताल पूरे पूर्वांचल का सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र माना जाता है। यहां प्रयागराज के अलावा आसपास के कई पड़ोसी जिलों से भी हजारों मरीज रोज आते हैं। नए प्रशासन का मुख्य लक्ष्य इलाज के साथ-साथ जनता के बीच दोबारा अपना पुराना भरोसा कायम करना है।

अस्पताल में एक विशेष सिविल सोसाइटी बनाने पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है। इस टीम में शहर के कई सम्मानित नागरिक शामिल किए जाएंगे। यह टीम मरीजों की बुनियादी समस्याओं को सीधे अस्पताल प्रशासन तक पहुंचाकर उनके त्वरित समाधान में मदद करेगी।

Author: Ajay Mishra

Hot this week

Related Articles

Popular Categories