Punjab News: भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच पंजाब में बिजली की मांग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 21 मई को राज्य में बिजली की मांग 14,435 मेगावाट तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले कहीं अधिक है। बढ़ती गर्मी के कारण घरों और दफ्तरों में एसी और कूलर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ सात दिनों के भीतर बिजली की मांग में 3,400 मेगावाट का भारी उछाल आया है। 15 मई को यह मांग 10,982 मेगावाट थी, जो अब रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। मांग को पूरा करने के लिए बिजली विभाग को अब बाहरी स्रोतों से भी बड़ी मात्रा में बिजली खरीदनी पड़ रही है।
बिजली की आपूर्ति बनाए रखने की चुनौती
राज्य सरकार और बिजली निगम के अधिकारी मौजूदा स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मांग को पूरा करने के लिए विभाग दूसरे राज्यों से करीब 10,000 किलोवॉट बिजली का आयात कर रहा है। विभाग का कहना है कि बिजली की सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी पावर प्लांटों की उत्पादन क्षमता को बेहतर किया जा रहा है।
विभाग के अधिकारी ट्रांसमिशन लाइनों और वितरण केंद्रों पर 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं। ताकि किसी भी तकनीकी खराबी या ओवरलोडिंग के कारण बिजली की कटौती न करनी पड़े। हालांकि, बढ़ती गर्मी को देखते हुए आगे भी डिमांड के और बढ़ने की पूरी आशंका है, जो विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
आने वाले दिनों में और विकराल हो सकती है गर्मी
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मई के अंत और जून की शुरुआत में तापमान और अधिक बढ़ सकता है। लू का प्रकोप और तेज धूप के कारण बिजली की खपत में और भी बढ़ोतरी होना तय है। यदि ऐसा हुआ, तो बिजली विभाग को नई चुनौतियों और शायद रिकॉर्डतोड़ मांग का सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान लोगों को भी बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए। सरकारी तंत्र भी इसे लेकर पूरी तरह सक्रिय है। आने वाले दिन न केवल प्रदेश के लोगों के लिए, बल्कि बिजली विभाग के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। विभाग ने भी अपने संसाधनों को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है।
Author: Gurpreet Singh


