Punjab News: पंजाब में शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने अब पनीर के खिलाफ एक विशेष अभियान छेड़ दिया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) पंजाब ने राज्यभर में दो दिनों का सघन पनीर सैंपलिंग अभियान चलाकर 211 नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को राज्य की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता जांच के लिए भेजा गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बुधवार को बताया कि सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ा रुख अपना रही है। स्थानीय डेयरियों, प्रोसेसिंग यूनिटों और खुदरा बिक्री केंद्रों से लिए गए इन नमूनों की जांच मिलावट और अशुद्धता के मानकों पर की जाएगी। यदि कोई ऑपरेटर मानकों का उल्लंघन करता पाया गया, तो ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट-2006’ के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूध के नमूनों में मिली थी मिलावट
पनीर से पहले, विभाग ने 6 और 7 मई को राज्यव्यापी दूध सैंपलिंग अभियान चलाया था, जिसमें 204 नमूने एकत्र किए गए थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि जांच रिपोर्ट में 68 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि एक नमूना मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया। इस खुलासे के बाद ही डेयरी उत्पादों के प्रति प्रशासन की सख्ती और अधिक बढ़ गई है।
स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता मिलावटी दूध और डेयरी उत्पादों को सप्लाई चेन से पूरी तरह बाहर करना है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें खाद्य पदार्थों में मिलावट की किसी भी प्रकार की आशंका हो, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें ताकि समय रहते सख्त कदम उठाए जा सकें।
जागरूकता और स्वच्छता पर विशेष जोर
एफडीए पंजाब की कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़ ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी केवल सैंपल लेने तक ही सीमित नहीं हैं। विभाग डेयरी संचालकों को स्वच्छता, खाद्य सामग्री के सही भंडारण और सुरक्षित हैंडलिंग के नियमों के प्रति भी जागरूक कर रहा है। विभाग का लक्ष्य खाद्य श्रृंखला में स्वच्छता के उच्च मानकों को स्थापित करना है।
नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावट के खिलाफ यह अभियान आने वाले हफ्तों में और अधिक तेज किया जाएगा। सुरक्षित भोजन लोगों का अधिकार है और सरकार इसे हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों को सरकारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
Author: Gurpreet Singh


