Himachal News: हिमाचल प्रदेश में गाड़ी चलाने वालों के लिए एक बहुत जरूरी खबर है। शिमला की सड़कों पर अब बिना परमिट वाहन ले जाना आपको बहुत भारी पड़ सकता है। राज्य विधानसभा ने बुधवार को एक नया संशोधन विधेयक पास कर दिया है। इसके बाद यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे पांच गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस विधेयक को सदन में पेश किया था। इसे विपक्ष की गैरमौजूदगी में पास कर दिया गया। अब शिमला शहर की प्रतिबंधित सड़कों पर नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं है।
सील की गई सड़कों पर लगेगा तगड़ा झटका
शिमला शहर की सील की गई सड़कों पर अब प्रशासन बहुत सख्त हो गया है। अगर आप इन खास सड़कों पर बिना परमिट के गाड़ी चलाते हैं, तो आपकी जेब पूरी तरह खाली हो सकती है। सरकार ने ऐसे उल्लंघन पर जुर्माने की रकम 3,000 रुपये से बढ़ाकर सीधा 15,000 रुपये कर दी है। पहले इस जुर्माने को 10,000 रुपये करने का ही प्रस्ताव था। लेकिन अब इसे सीधे पांच गुना बढ़ा दिया गया है।
प्रतिबंधित रास्तों और परमिट शुल्क में भारी उछाल
प्रतिबंधित सड़कों पर बिना परमिट गाड़ी ले जाने पर भी आपको कोई राहत नहीं मिलेगी। इसके लिए जुर्माना 1,000 रुपये से बढ़ाकर अब 5,000 रुपये कर दिया गया है। अगर आप परमिट की किसी भी शर्त को तोड़ते हैं, तो आपको 2,000 रुपये का चालान भरना होगा। परमिट बनवाना भी अब काफी महंगा हो गया है। पक्की सड़कों के सालाना परमिट का शुल्क 2,500 से बढ़ाकर 10,000 रुपये हो गया है। वहीं, दैनिक परमिट अब 200 की जगह 1,000 रुपये में मिलेगा। परमिट की प्रोसेसिंग फीस भी 100 रुपये से बढ़कर 500 रुपये कर दी गई है।
इन प्रमुख रास्तों पर लागू होंगे सख्त नियम
यह नया कानून शिमला की कई अहम और व्यस्त सड़कों पर कड़ाई से लागू होगा। इनमें मशहूर मॉल रोड के अलावा नवबहार से रिज मैदान तक जाने वाला रास्ता मुख्य रूप से शामिल है। छोटा शिमला से मॉल रोड और रिज तक जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों की यही पाबंदी रहेगी। इसके साथ ही इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज से रिज और अकाउंटेंट जनरल ऑफिस से सीटीओ चौक तक की सड़कें पूरी तरह सील हैं। बॉलीगंज से एडवांस स्टडी सेंटर होते हुए विधानसभा तक के रास्ते पर भी गाड़ियों की आवाजाही सख्त रूप से प्रतिबंधित कर दी गई है।


