Himachal News: राजधानी शिमला में एक मुस्लिम बेटी की शादी के रिसेप्शन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राम मंदिर के कम्युनिटी हॉल में 11 अप्रैल को यह कार्यक्रम होना है। कुछ लोगों ने मंदिर में निकाह की अफवाह फैला दी। इसके बाद हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई। अब भाजपा नेताओं ने मुस्लिम परिवार के घर जाकर पूरा सच सामने रखा है। प्रशासन भी इस संवेदनशील मामले पर पूरी तरह से अलर्ट है।
मस्जिद में होगा निकाह, मंदिर हॉल में सिर्फ रिसेप्शन
विवाद बढ़ने पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह और स्थानीय पार्षद सरोज ठाकुर ने मोर्चा संभाला। दोनों नेताओं ने रुलदुभट्टा वार्ड में जाकर मुस्लिम परिवार से खास मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि निकाह की रस्में केवल मस्जिद में ही निभाई जाएंगी। राम मंदिर परिसर के कम्युनिटी हॉल में केवल दावत-ए-वलीमा यानी रिसेप्शन रखा गया है। कम्युनिटी हॉल और मुख्य राम मंदिर दोनों बिल्कुल अलग-अलग जगह हैं। अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
भाजपा नेता ने कहा- भाईचारे को खराब न करें
गुरमीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में इस पूरे विवाद को पूरी तरह अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हिंदू और मुस्लिम हमेशा आपसी प्रेम और सौहार्द से रहते आए हैं। कुछ स्वार्थी तत्व जानबूझकर समाज में गलतफहमी पैदा कर रहे हैं। इस कम्युनिटी हॉल में पहले भी अन्य धर्मों के कई कार्यक्रम हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सभी देशवासियों को एक समान मानते हैं। प्रशासन ने भी कार्यक्रम को उचित अनुमति दी है।
पड़ोसी होने के नाते परिवार के साथ खड़ी हैं पार्षद
स्थानीय पार्षद सरोज ठाकुर ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की खास अपील की है। उन्होंने कहा कि वह इस मुस्लिम परिवार की पुरानी पड़ोसी हैं। सुख-दुख के इस समय में परिवार के साथ खड़े रहना उनका फर्ज है। लोगों के बीच केवल निकाह की जगह को लेकर बड़ा भ्रम फैल गया था। वह खुद भी इस हॉल में पहले कई अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी हैं। यह बेवजह तूल देने वाला कोई मुद्दा नहीं है।
दुल्हन के पिता ने की शांतिपूर्ण शादी की अपील
इस बेवजह के विवाद से दुल्हन के पिता मोहम्मद नासिर बहुत ज्यादा आहत हुए हैं। उन्होंने भावुक होते हुए हिंदू संगठनों से एक खास अपील की है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की शादी को बिना किसी हंगामे के शांतिपूर्ण तरीके से होने दिया जाए। नासिर ने बताया कि उन्हें स्थानीय समाज के कई लोगों का भरपूर समर्थन भी मिल रहा है। आज से पहले शहर में कभी ऐसा कोई धार्मिक विवाद सामने नहीं आया है।
पुलिस और प्रशासन ने पूरे शहर में बढ़ाई सतर्कता
इस घटनाक्रम के बाद शहर में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की लगातार कोशिशें हो रही हैं। शिमला पुलिस और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह से अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने सभी नागरिकों से शांति और आपसी भाईचारा कायम रखने की अपील की है। यह देखना अहम होगा कि कल यह शादी का समारोह किस तरह संपन्न होता है।


