हिमाचल में कुदरत का कहर: रेल की पटरियों पर गिरे पहाड़, कई ट्रेनों के पहिए अचानक थमे

Kangra News: हिमाचल प्रदेश में भारी तूफान और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार रात आए तेज तूफान के कारण पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल मार्ग पर कई जगहों पर पेड़ और भारी चट्टानें गिर गईं। इस कारण सोमवार सुबह इस रूट पर रेल यातायात पूरी तरह ठप रहा। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे की तकनीकी टीम ने दोपहर बाद ट्रैक को साफ करके ट्रेनों का संचालन दोबारा बहाल किया।

वर्तमान में इस ऐतिहासिक रेल मार्ग पर बैजनाथ पपरोला से कांगड़ा और जोगिंदर नगर के बीच तीन अप-डाउन ट्रेनों का संचालन हो रहा है। पहली ट्रेन सुबह सात बजे और दूसरी दोपहर एक बजकर बीस मिनट पर पपरोला से कांगड़ा के लिए रवाना होती है। इसके अलावा पपरोला से जोगिंदर नगर के बीच सुबह आठ बजे एक ट्रेन चलती है। सोमवार सुबह ट्रैक पर मलबा होने के कारण इन सभी मुख्य ट्रेनों का पहिया थमा रहा।

ट्रैक पर गिरी चट्टानें और विशालकाय पेड़

रेलवे अधिकारियों के अनुसार बैजनाथ पपरोला और ऐहजू के बीच पटरियों पर विशाल पत्थर गिरे हुए थे। वहीं पालमपुर और नगरोटा के बीच भारी पेड़ गिरने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। सोमवार दोपहर तक ट्रैक से मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी रहा। सफाई पूरी होने के बाद ही कांगड़ा की तरफ पहली ट्रेन रवाना की गई। फिलहाल पठानकोट से कांगड़ा के बीच सीधी रेल सेवा बंद है और सीमित दायरे में ही ट्रेनें चल रही हैं।

जम्मू रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि सोमवार सुबह छह बजे ट्रैक पर बाधाओं की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद रेलवे के बचाव दल और मजदूरों को काम पर लगा दिया गया। अधिकांश संवेदनशील स्थानों से पत्थर और पेड़ हटा दिए गए हैं। अब रेल मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है और ट्रेनों की आवाजाही सामान्य हो रही है। रेल विभाग खराब मौसम को देखते हुए लगातार पटरियों की निगरानी कर रहा है ताकि दुर्घटनाओं को समय रहते टाला जा सके।

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