पांवटा साहिब से उठी बड़ी मांग: क्या ‘राष्ट्र माता’ बनेंगी गौ माता? 25 करोड़ हस्ताक्षरों के साथ दिल्ली में होगा महासंग्राम

Himachal News: सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ ने अब एक विशाल जनआंदोलन का रूप ले लिया है। शहर के मुख्य बाजार में आयोजित इस मुहिम के अंतिम चरण में स्थानीय लोगों और व्यापारियों का भारी समर्थन देखने को मिला। सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर करके गौ संरक्षण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता जताई है। यह अभियान न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अब राष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बना चुका है।

गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ बनाने की उठी मांग

अभियान की अगुवाई कर रहे गौ सेवक सचिन ओबरॉय, भरत राणा और राकेश शर्मा ने अपनी मांगों को स्पष्ट किया है। उनका प्राथमिक उद्देश्य गौ माता को संवैधानिक रूप से ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाना है। इसके साथ ही वे देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए एक कड़ा कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। गौ सेवकों का मानना है कि आस्था और संस्कृति की रक्षा के लिए अब समाज को एकजुट होना ही होगा।

वृंदावन से शुरू हुई मुहिम पहुंची पांवटा साहिब

इस राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान की नींव वर्ष 2025 में वृंदावन में आयोजित संत समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक में रखी गई थी। वहां लिए गए निर्णय के अनुसार अब देश के विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर समर्थन जुटाया जा रहा है। पांवटा साहिब में मिली सफलता इसी कड़ी का एक हिस्सा है। साधु-संतों के मार्गदर्शन में चल रही इस मुहिम को समाज के हर वर्ग का भरपूर सहयोग और प्यार मिल रहा है।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा ज्ञापन

आगामी 27 अप्रैल को देश की करीब 5,000 तहसीलों से लगभग 5 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने का लक्ष्य है। इन हस्ताक्षरों के साथ एक विस्तृत ज्ञापन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा। आयोजकों ने इसे एक बड़े लोकतांत्रिक दबाव समूह के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि इस संख्याबल के जरिए वे सरकार को गौ संरक्षण के प्रति गंभीर कदम उठाने के लिए प्रेरित करेंगे।

25 करोड़ हस्ताक्षरों के साथ दिल्ली में होगा बड़ा समागम

आगामी तीन महीनों के भीतर इस अभियान को जिला और फिर प्रदेश स्तर पर विस्तारित करने की योजना है। इसके बाद दिल्ली में एक भव्य राष्ट्रीय समागम का आयोजन किया जाएगा। अंतिम चरण तक कुल 25 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इस विशाल मुहिम में साधु-संतों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि इसे भारत का सबसे बड़ा जनआंदोलन बनाया जा सके।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories