Himachal Pradesh News: राज्य में पंचायत चुनाव संपन्न होने के ठीक बाद अब सरकारी शिक्षकों को जनगणना की ड्यूटी में लगा दिया गया है। स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अनोखा फरमान जारी किया है। इसके तहत शिक्षकों को स्कूल समय के बाद यह कार्य करना होगा।
प्रशासन के इस नए आदेश के अनुसार शिक्षकों को पहले अपनी कक्षाओं में जाकर बच्चों को पढ़ाना होगा। इसके बाद ही वे जनगणना का बचा हुआ कार्य पूरा कर सकेंगे। चंबा, कुल्लू और हमीरपुर जिलों में इस प्रकार के सख्त निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इन नए आदेशों से शिक्षक वर्ग काफी नाराज है।
टीचर्स फेडरेशन ने दी सामूहिक बहिष्कार की सीधी चेतावनी
ज्वाइंट टीचर्स फेडरेशन ने तीन जिलों के उपायुक्तों द्वारा जारी इन दिशा-निर्देशों को पूरी तरह से गलत ठहराया है। फेडरेशन का कहना है कि स्कूल समय खत्म होने के बाद शिक्षकों को इस काम में लगाना अनुचित है। यह निर्णय पूरी तरह से शिक्षा के व्यापक हितों और कर्मचारी कल्याण के खिलाफ है।
इस गंभीर मामले को लेकर फेडरेशन में शामिल पांच अलग-अलग शिक्षक यूनियनों के शीर्ष पदाधिकारियों ने एक वर्चुअल बैठक की। इस ऑनलाइन बैठक में हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ, एचजीटीयू, ऑल टीजीटी महासंघ, पीटीएफ और सीएंडवी अध्यापक संघ के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया और प्रशासन के खिलाफ अपनी रणनीति तैयार की।
चुनावी ड्यूटी के बाद अतिरिक्त काम से बढ़ा तनाव
फेडरेशन के अध्यक्ष अजय नेगी ने कहा कि शिक्षकों ने हाल ही में संपन्न पंचायती राज चुनाव में एक महीने तक कड़ी चुनावी ड्यूटी की है। इसके कारण स्कूलों में पढ़ाई पहले ही बाधित हो चुकी है। शिक्षकों पर वर्तमान में परीक्षा संचालन, मूल्यांकन और ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा एंट्री का भारी दबाव है।
शिक्षकों का कहना है कि जनगणना एक बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसके सफल संचालन के लिए कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। पूरे दिन स्कूल में अध्यापन कार्य करने के बाद अतिरिक्त काम सौंपना पूरी तरह से अव्यवहारिक है और इससे कार्यक्षमता प्रभावित होगी।
Reported By: Sunita Gupta


