Himachal Pradesh News: राजधानी शिमला के संजौली में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ मामले में एक नया मोड़ आया है। पुलिस ने आरोपी युवक की पिटाई करने और बाजार में उसका जुलूस निकालने के आरोप में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
पकड़े गए नए आरोपित की पहचान 36 वर्षीय विक्रांत के रूप में हुई है, जो सुन्नी तहसील के गांव हिवण का रहने वाला है। सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस हिंसक मामले में अब तक कुल सात लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इन पकड़े गए लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
संजौली थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सात लोगों में से छह आरोपियों को अदालत से जमानत मिल चुकी है। दरअसल, बीते रविवार को पीड़िता के पिता ने संजौली थाने में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया था। पिता ने आरोपी युवक पर ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप लगाया था।
देवभूमि संघर्ष समिति ने आरोपी को सरेबाजार पीटा
शिकायत के अनुसार, आरोपी युवक ने नाबालिग लड़की का एक आपत्तिजनक वीडियो बनाया था। वह इस वीडियो क्लिप के जरिए लड़की को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था और अनुचित व्यवहार कर रहा था। इस शर्मनाक घटना का पता चलते ही स्थानीय हिंदू संगठन भड़क उठे और उन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया।
देवभूमि संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने इस मामले में दो आरोपी युवकों को सरेबाजार पकड़कर उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इसके बाद उन्होंने दोनों युवकों का बाजार में जुलूस निकाला। पुलिस ने कानून हाथ में लेने और हिंसा फैलाने पर इस भीड़ के खिलाफ केस दर्ज किया था।
दूसरी तरफ, मुख्य कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले मुख्य आरोपी युवक को भी तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। इस पूरे विवाद के बीच पीड़िता और उसके पिता ने देवभूमि संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संजौली चौक पर चक्काजाम कर दिया।
व्यस्त मार्ग पर ट्रैफिक रोकने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने पर पुलिस ने संजौली थाने में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक अलग एफआईआर दर्ज की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गहनता से जांच की जा रही है और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
Reported By: Sunita Gupta


