Himachal Pradesh: पहाड़ी राज्य में मानसून के पहुंचने से पहले ही कुदरत ने कड़े तेवर दिखाए हैं। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों में राज्य के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ आने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इस आकस्मिक संकट से मैदानी और निचले इलाकों में भारी तबाही मच सकती है।
शिमला और सिरमौर में फ्लैश फ्लड का हाई अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने शिमला और सिरमौर जिलों के जलग्रहण क्षेत्रों के लिए फ्लैश फ्लड का अलर्ट घोषित किया है। गुरुवार और शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते प्रशासन ने यह कदम उठाया है। सरकार ने सभी स्थानीय नागरिकों को नदी-नालों और संवेदनशील खड्डों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
इस बीच सूबे के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ जोरदार पानी बरसा है। भारी बारिश से लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत जरूर मिली है। मगर तेज आंधी के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
हमीरपुर के नेरी में 81 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलीं। रामपुर के ज्यूरी बाजार में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिर गया। इससे मुख्य सड़क पर ट्रैफिक घंटों बाधित रहा और दो गाड़ियां मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं।
कसौली में रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश से गिरा पारा
सोलन जिले के पर्यटन स्थल कसौली में सबसे ज्यादा 105 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धर्मपुर में 86 मिलीमीटर और धौलाकुआं में 43 मिलीमीटर पानी गिरा है। आसमानी बिजली गिरने की घटनाओं से कई कस्बों में बिजली ग्रिड ठप हो गए और बिजली सप्लाई बंद रही।
इस भारी बारिश से राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आई है। कुफरी में न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री और शिमला में 13.4 डिग्री तक लुढ़क गया है। इससे एक दिन पहले तक मैदानी इलाकों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार था।
मौसम विभाग ने दस जिलों में जारी किया येलो अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों ने लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर बाकी 10 जिलों में येलो अलर्ट लागू किया है। इन क्षेत्रों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से आंधी चलने का अनुमान है। विभाग के मुताबिक पूरे प्रदेश में 18 जून तक लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा।
मौसम केंद्र के अनुसार चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय होने से मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। आमतौर पर हिमाचल में मानसून 25 जून के आसपास दस्तक देता है। मगर वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इस साल मानसून समय से पहले ही तबाही मचा सकता है।
Reported By: Sunita Gupta


