Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 मासूम लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में काफी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई जा रही है।
इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ित परिवारों के लिए बड़े मुआवजे का ऐलान किया है। कई लोग अब भी गंभीर रूप से घायल हैं। विभिन्न अस्पतालों में डॉक्टरों की देखरेख में उनका विशेष इलाज लगातार जारी है।
मैक्स अस्पताल पहुंचीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने वहां भर्ती घायलों और उनके रोते-बिलखते परिजनों से मुलाकात की। सीएम ने डॉक्टरों से बात कर पीड़ितों के उत्तम इलाज की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि किसी भी पीड़ित को चिकित्सा सहायता की कमी नहीं होनी चाहिए। सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी। इसके लिए अस्पताल प्रशासन के साथ विशेष समन्वय बिठाया गया है।
जानें किसे मिलेगा कितना सरकारी मुआवजा
दिल्ली सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता राशि की घोषणा कर दी है। सरकार हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तत्काल प्रदान करेगी।
इसके अलावा हादसे में गंभीर रूप से झुलसे सभी लोगों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। दिल्ली सरकार मृतकों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह राज्य या पैतृक गृह नगर तक पहुंचाने का पूरा खर्च भी उठाएगी।
आमतौर पर ऐसे मामलों में राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन मिलकर पीड़ितों के दस्तावेजों का सत्यापन करते हैं। कानूनी वारिस को पहचान पत्र और संबंध से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड जमा करने होते हैं। इसके बाद राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
बिना फायर एनओसी चल रहा था गेस्ट हाउस
शुरुआती प्रशासनिक जांच में गेस्ट हाउस के संचालन को लेकर कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। फायर अधिकारियों के अनुसार इस बहुमंजिला इमारत के पास कोई वैध फायर एनओसी (NOC) मौजूद नहीं थी। यहां सुरक्षा मानकों की सरेआम अनदेखी की गई।
जांच में पता चला कि पूरी इमारत में प्रवेश और निकास का केवल एक ही संकरा रास्ता था। कई खिड़कियां हमेशा के लिए बंद की गई थीं। मुख्य दरवाजा सेंसर आधारित होने के कारण बिजली कटते ही जाम हो गया था।
यही खराब व्यवस्थाएं आग फैलने के दौरान लोगों के बाहर निकलने में सबसे बड़ी बाधा बन गईं। नियमों के मुताबिक जिसे सिर्फ छह कमरे चलाने की अनुमति मिली थी, वहां अवैध रूप से करीब 25 कमरे धड़ल्ले से चलाए जा रहे थे।
चश्मदीदों के मुताबिक आग लगते ही जहरीला धुआं सीढ़ियों में भर गया। इससे लोगों का जीवन रक्षक मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। कुछ लोग डिजिटल लॉक वाले कमरों में फंस गए। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्य मालिक बजाज गिरफ्तार, मैनेजर मिश्रा फरार
दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गेस्ट हाउस के मुख्य मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब फरार चल रहे मैनेजर जय मिश्रा की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संकेत दिए हैं कि यह सख्त कार्रवाई केवल एक इमारत तक सीमित नहीं रहेगी। दिल्ली में बिना अनुमति चल रहे अवैध गेस्ट हाउस और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
Author: Gaurav Malhotra


