Delhi News: भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में मंगलवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है. देश की सर्वोच्च अदालत को आज पांच नए न्यायाधीश मिल गए हैं. सुप्रीम कोर्ट के नवनियुक्त जजों को मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने एक गरिमामय समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
इस बड़े विस्तार के बाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है. शपथ लेने वाले जजों में देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के चार पूर्व मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं. इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत की एक प्रतिष्ठित महिला वरिष्ठ अधिवक्ता को भी सीधे जज नियुक्त किया गया है.
उच्च न्यायालयों के इन चार अनुभवी मुख्य न्यायाधीशों ने ली शपथ
सीजेआई सूर्यकांत ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य जस्टिस शील नागू को सबसे पहले पद की शपथ दिलाई. उनके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रशेखर ने शपथ ली. इन दोनों ही वरिष्ठ जजों का कानूनी करियर बेहद शानदार और बेदाग रहा है.
इसके तुरंत बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस अरुण पल्ली ने भी नए जज के रूप में शपथ ली. चारों जजों के पास लंबा न्यायिक अनुभव है.
वरिष्ठ महिला वकील वी मोहना ने भी ली जज पद की शपथ
इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में सुप्रीम कोर्ट की बेहद वरिष्ठ और प्रतिष्ठित महिला वकील वी मोहना को भी जज बनाया गया है. बार काउंसिल से सीधे सर्वोच्च अदालत के बेंच तक पहुंचने वाली वे बेहद चुनिंदा न्यायविदों में शामिल हो गई हैं. उनकी नियुक्ति से कोर्ट में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ा है.
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों को बेहद गंभीरता से लेते हुए सोमवार को ही इस सूची को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी थी. केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस महत्वपूर्ण फैसले की सार्वजनिक घोषणा की थी.
राष्ट्रपति ने सीजेआई की सलाह पर दी नियुक्तियों को अंतिम मंजूरी
केंद्रीय कानून मंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से गहन विचार-विमर्श के बाद इन नियुक्तियों पर हस्ताक्षर किए हैं. सरकार ने चारों हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों और सीनियर एडवोकेट वी. मोहना की फाइल को रिकॉर्ड समय में क्लीयरेंस देकर अपनी सक्रियता दिखाई है.
न्यायिक हलकों में इस त्वरित फैसले की चौतरफा सराहना की जा रही है. कानूनी जानकारों का मानना है कि नए न्यायाधीशों के आने से सुप्रीम कोर्ट की पीठ को अधिक मजबूती मिलेगी. इससे कई संवैधानिक और जटिल मामलों की सुनवाई को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी.
इसी महीने जून में रिटायर हो रहे हैं दो वरिष्ठ जज
सुप्रीम कोर्ट में यह नई नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं जब इसी महीने दो वरिष्ठ न्यायाधीश अपने पद से रिटायर होने जा रहे हैं. न्यायमूर्ति पंकज मित्तल 16 जून को सेवामुक्त हो जाएंगे. वहीं दूसरे वरिष्ठ न्यायाधीश जेके माहेश्वरी भी आगामी 28 जून को सेवानिवृत्त होने वाले हैं.
इन दोनों जजों के रिटायर होने से पहले ही नए चेहरों को शामिल कर कॉलेजियम ने दूरदर्शिता का परिचय दिया है. जजों की कमी से निपटने के लिए सरकार और न्यायपालिका मिलकर लगातार काम कर रहे हैं. आज के इस घटनाक्रम से देश की शीर्ष अदालत की कार्यप्रणाली और मजबूत होगी.
Author: Adv Anuradha Rajput


