Delhi News: देश में जारी विभिन्न परीक्षा विवादों के बीच सोमवार को राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां आईटीओ स्थित विकास मार्ग पर शिक्षा मंत्रालय से जुड़े स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) कार्यालय की इमारत में अचानक भीषण आग लग गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। फायर टेंडर्स ने काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में फिलहाल किसी व्यक्ति के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विकास मार्ग स्थित इस महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय की दूसरी और तीसरी मंजिल से अचानक गहरा धुआं उठने लगा था। इमारत से धुआं निकलता देख आस-पास के इलाके में पूरी तरह अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी अभी आग लगने के मुख्य कारणों की जांच कर रहे हैं।
उधर सीबीएसई का मुख्य वेबसाइट पोर्टल भी रहा पूरी तरह बंद
एक तरफ मंत्रालय की इमारत में आग धधक रही थी, तो दूसरी तरफ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का मुख्य पोर्टल भी अचानक ठप हो गया। आज ही कक्षा 12वीं के लाखों छात्र री-इवैल्यूएशन और कॉपियों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
बोर्ड ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए पहले ही तारीख को आगे बढ़ाया था। इसके बावजूद 1 जून यानी आज भी छात्रों के लिए ऑनलाइन पोर्टल सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाया। वेबसाइट खोलने पर केवल मेंटेनेंस का मैसेज दिख रहा है, जिससे छात्र बेहद परेशान हैं।
नीट परीक्षा विवाद, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर देश में पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे नाजुक समय में शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी इमारत में आग लगने और सीबीएसई वेबसाइट ठप होने से इंटरनेट पर नया विवाद खड़ा हो गया है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मंत्रालय को जमकर किया ट्रोल
इन दोनों घटनाओं के एक साथ होने पर सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। लोग इसे महज एक इत्तेफाक मानने को तैयार नहीं हैं। इंटरनेट पर कई लोग इस पूरे घटनाक्रम को पेपर लीक जांच से जोड़कर तरह-तरह के तीखे रिएक्शन दे रहे हैं।
एक नाराज यूजर ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कमेंट किया कि वाह, क्या कमाल की टाइमिंग है। जब परीक्षा घोटालों पर सवालों की आग सीधे शिक्षा व्यवस्था तक पहुंची, तो अब मुख्य मंत्रालय के ही एक अहम दफ्तर में आग लग गई।
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि परीक्षा घोटाले की जांच की मांग के बीच अब न रहेंगे जरूरी कागज और न ही होगी कोई निष्पक्ष जांच। लोगों ने चिंता जताई कि कहीं इस आग की आड़ में छात्रों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें राख न बन जाएं।
Author: Gaurav Malhotra


