Delhi News: दिल्ली-एनसीआर के लाखों मोबाइल यूजर्स को शनिवार को अचानक इमरजेंसी अलर्ट संदेश मिला। अलर्ट के साथ तेज बीप की आवाज भी सुनाई दी, जिससे कई लोग चौंक गए। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की ओर से चलाए जा रहे एक परीक्षण अभियान का हिस्सा था।
यह संदेश मोबाइल स्क्रीन पर फ्लैश नोटिफिकेशन के रूप में दिखाई दिया। इसके साथ एक विशेष चेतावनी ध्वनि भी सुनाई दी। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस अलर्ट के स्क्रीनशॉट साझा किए और इसके उद्देश्य को लेकर सवाल उठाए। हालांकि अधिकारियों ने पहले ही ऐसे परीक्षणों की जानकारी दी थी।
आपदा चेतावनी व्यवस्था की हो रही जांच
अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास इमरजेंसी संचार प्रणाली की क्षमता और विश्वसनीयता को परखने के लिए किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसी वास्तविक आपदा के समय चेतावनी संदेश बिना देरी के नागरिकों तक पहुंच सकें। इस परीक्षण के दौरान लोगों को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं थी।
मई में भी इसी तरह का परीक्षण किया गया था। उस समय भेजे गए संदेशों में स्पष्ट लिखा गया था कि यह केवल एक ट्रायल है। इसका मकसद तकनीकी प्रणाली का मूल्यांकन करना और बड़े स्तर पर इसके उपयोग से पहले संभावित कमियों की पहचान करना था।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम
सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम एक आधुनिक चेतावनी तंत्र है। यह भूकंप, सुनामी, बाढ़, बिजली गिरने और अन्य आपात स्थितियों में सीधे मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजता है। इसकी खासियत यह है कि इंटरनेट या किसी मोबाइल ऐप की जरूरत के बिना भी संदेश लोगों तक पहुंच सकता है।
यह प्रणाली स्वदेशी एकीकृत अलर्ट प्लेटफॉर्म ‘सचेत’ (SACHET) के माध्यम से काम करती है। सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने इसे विकसित किया है। यह अंतरराष्ट्रीय कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल मानकों पर आधारित है, जिससे आपातकालीन सूचनाओं का प्रसारण अधिक प्रभावी बनता है।
केंद्र सरकार ने हाल ही में किया लॉन्च
इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम की शुरुआत की थी। इस परियोजना को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से विकसित किया गया है। सरकार का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को मजबूत करना और लोगों तक समय पर महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना है।
अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर ऐसे परीक्षण जारी रहेंगे। इन अभ्यासों से विभिन्न मोबाइल नेटवर्क और हैंडसेट पर सिस्टम की कार्यक्षमता जांची जाती है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि वास्तविक आपात स्थिति में चेतावनी संदेश सभी नागरिकों तक तेजी और सटीकता के साथ पहुंच सकें।
Author: Gaurav Malhotra

