हिमाचल के नगर निकायों में अध्यक्ष चुनाव की तैयारी तेज, पार्षदों की अधिसूचना जारी होते ही बढ़ी सियासी हलचल

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने 26 नगर परिषदों और 23 नगर पंचायतों के निर्वाचित पार्षदों की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। अब अगले एक सप्ताह के भीतर शपथ ग्रहण और चुनाव प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को सभी निर्वाचित पार्षदों के नाम राजपत्र में प्रकाशित किए। आयोग के अनुसार संबंधित निर्वाचन अधिकारियों ने सभी वार्डों के परिणाम घोषित कर दिए हैं। उनकी रिपोर्ट आयोग को मिल चुकी है। इसके बाद नगर निकाय चुनाव नियमों के तहत निर्वाचित सदस्यों की अधिसूचना जारी की गई।

मुख्यमंत्री के पास पहुंचा बैठक कार्यक्रम प्रस्ताव

शहरी विकास विभाग ने शपथ ग्रहण और अध्यक्ष चुनाव के लिए बैठकों का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यह फाइल मुख्यमंत्री के पास भेजी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलने के बाद सभी नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए अलग-अलग शेड्यूल जारी किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां लगभग पूरी मानी जा रही हैं।

हिमाचल प्रदेश शहरी विकास निर्वाचन अधिनियम के अनुसार अधिसूचना जारी होने के सात दिन के भीतर निर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलाना जरूरी होता है। इसके बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव कराए जाते हैं। अधिकारियों के मुताबिक शपथ प्रक्रिया पूरी होते ही चुनावी बैठकों की तारीख तय कर दी जाएगी।

निर्विरोध चुनाव की भी बन सकती स्थिति

शपथ ग्रहण के तुरंत बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन आमंत्रित किए जाएंगे। बैठक के दौरान नामांकन दाखिल करने के लिए करीब एक घंटे का समय दिया जाएगा। यदि किसी पद पर केवल एक उम्मीदवार नामांकन करेगा या सभी पार्षद सहमति बनाएंगे, तो निर्विरोध निर्वाचन घोषित किया जाएगा।

जहां एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे, वहां मतदान कराया जाएगा। कई नगर परिषदों और नगर पंचायतों में निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका में नजर आ रहे हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों दल अपने समर्थित पार्षदों को एकजुट रखने में जुट गए हैं। कुछ क्षेत्रों में त्रिकोणीय समीकरण भी बनते दिखाई दे रहे हैं।

31 मई को होगी नगर निगमों की मतगणना

प्रदेश में चार नगर निगमों धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन के लिए 17 मई को ईवीएम के जरिए मतदान हुआ था। इन नगर निगमों की मतगणना 31 मई को होगी। इसके अलावा 26 नगर परिषदों और 23 नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं।

राजनीतिक दल अब नगर निकायों में सत्ता संतुलन बनाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। कई स्थानों पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर बैठकों और संपर्क अभियान भी तेज हो गए हैं, जिससे नगर निकाय राजनीति में हलचल बढ़ गई है।

Author: Sunita Gupta

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