Himachal Pradesh News: सूबे के ऊना जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और भावुक कर देने वाला वाकया सामने आया है। यहां की एक विशेष अदालत ने बहुचर्चित प्राची हत्याकांड के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं बेटे को कड़ी सजा मिलने के तुरंत बाद उसके बेबस पिता की सदमे से मौत हो गई।
विशेष अदालत ने सुनाया उम्रकैद का ऐतिहासिक फैसला
दरअसल स्पेशल जज नरेश ठाकुर की अदालत ने उपमंडल अंब के तहत प्रतापनगर में हुई पंद्रह वर्षीय छात्रा प्राची की निर्मम हत्या के मामले में आरोपी आसिफ मोहम्मद को पूरी तरह दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को कठोर आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी जुर्माना राशि अदा नहीं करता है, तो उसे तीन वर्ष की अतिरिक्त कठोर कैद काटनी होगी। जिला न्यायवादी एकलव्य ने इस पूरे मामले की पैरवी सरकार की तरफ से की। उन्होंने कोर्ट के सामने सभी पुख्ता सबूत बहुत ही मजबूती से पेश किए।
अखबार बांटने वाले युवक ने की थी बेरहमी से हत्या
यह जघन्य वारदात पांच अप्रैल दो हजार बाईस को पेश आई थी। दसवीं कक्षा की छात्रा प्राची जब घर पर अकेली थी, तब रोजाना सुबह अखबार बांटने वाले छब्बीस वर्षीय युवक आसिफ मोहम्मद ने दोपहर को घर में जबरन घुसकर पेपर कटर से उसका गला काटकर बेरहमी से मर्डर कर दिया था।
शाम को जब मृतका की मां अनुपमा ड्यूटी से वापस लौटीं, तो बेटी का शव डाइनिंग हॉल में खून से लथपथ पड़ा मिला था। सूचना पाकर प्राची के पिता अजय ठाकुर और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दो दिन की गहन पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
कांस्टेबल राजीव की सूझबूझ से सुलझी कत्ल की गुत्थी
इस पूरे मामले को कोर्ट तक पहुंचाने में कुल अट्ठाईस महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। पुलिस विभाग के जांबाज कांस्टेबल राजीव की भूमिका इस केस में सबसे अहम मानी गई। उनकी सूझबूझ ही अंधी कत्ल की इस गुत्थी को सुलझाने की सबसे मजबूत कड़ी साबित हुई थी।
अदालत ने दोषी आसिफ को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई है। उसे धारा 452 और 201 के तहत तीन-तीन साल की कड़ी कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली है। जुर्माना न भरने पर एक-एक वर्ष अतिरिक्त जेल होगी।
इकलौते बेटे की बर्बादी देख पिता को आया हार्ट अटैक
इधर बेटे को कोर्ट से कड़ी सजा का ऐलान होने के बाद उसके वृद्ध पिता ताज मोहम्मद गहरे मानसिक तनाव में चले गए थे। परिजनों के मुताबिक मंगलवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बहुत बिगड़ गई और दिल का दौरा पड़ने के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
आसिफ अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पहले बेटे का सलाखों के पीछे जाना और फिर पति की अचानक मौत से मां जेसमीन अब घर में बिल्कुल अकेली रह गई हैं। इस दर्दनाक घटनाक्रम के बाद पूरे प्रतापनगर और अंब क्षेत्र में यह मामला भारी चर्चा का विषय बना हुआ है।
पिता की मौत की खबर मिलते ही जेल प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद कड़े पुलिस पहरे के बीच दोषी आसिफ को उसके घर लाया गया ताकि वह अंतिम संस्कार में शामिल हो सके। बुधवार को स्थानीय कब्रिस्तान में ताज मोहम्मद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
Author: Raj Thakur


