Noida News: महीने की पहली तारीख को सैलरी अकाउंट में आते ही हर कर्मचारी को अच्छा लगता है. हालांकि, दिल्ली-एनसीआर के दो सबसे बड़े टेक-कॉरपोरेट हब नोएडा और गुरुग्राम में नौकरी करने वाले सिंगल्स के लिए यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकती. रेंट, बिजली बिल और खान-पान का खर्च बैंक बैलेंस को बहुत तेजी से खाली कर देता है.
नोएडा और गुरुग्राम के अच्छे इलाकों में 1 RK का किराया ₹10,000 से ₹20,000 तक है. वहीं, 1 BHK फ्लैट का किराया ₹15,000 से लेकर ₹35,000 महीना तक जाता है. अगर किसी युवा प्रोफेशनल की शुरुआती सैलरी ₹40,000 से ₹50,000 है, तो उसका आधा हिस्सा सिर्फ रहने और बुनियादी सुविधाओं में ही खर्च हो जाता है.
सिंगल्स की बचत न हो पाने के मुख्य कारण
मेट्रो शहरों में रहने वाले ज्यादातर युवा एक जैसी गलतियां करते हैं. वे ऑफिस के बिल्कुल पास महंगा फ्लैट ले लेते हैं या जरूरत से ज्यादा बड़ा घर किराए पर चुनते हैं. बिना बजट बनाए खर्च करने और अकेले रहने की वजह से उनकी सैलरी का बड़ा हिस्सा खत्म हो जाता है और आखिरी हफ्ते में जेब खाली हो जाती है.
अकेले रहने के चक्कर में 1 BHK या इंडिपेंडेंट 1 RK लेना सबसे घाटे का सौदा साबित होता है. इसकी बजाय स्मार्ट फ्लैट शेयरिंग सबसे बेहतर विकल्प है. अगर आप अकेले ₹20,000 का फ्लैट लेते हैं, तो पूरा खर्च आपका है, लेकिन दोस्तों के साथ 3 BHK शेयर करने पर प्रति व्यक्ति खर्च बेहद कम हो जाता है.
स्मार्ट फ्लैट शेयरिंग से होगी बड़ी बचत
अगर आप अपने ऑफिस के 2-3 दोस्तों के साथ मिलकर किसी अच्छी सोसाइटी में ₹36,000 का 3 BHK फ्लैट रेंट पर ले लेते हैं, तो हर किसी का हिस्सा केवल ₹12,000 आता है. इससे हर महीने सीधे ₹8,000 की बचत होती है. इसके अलावा मेड, वाईफाई और मेंटेनेंस का खर्च भी आपस में बंट जाता है.
गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड या नोएडा के सेक्टर-62 जैसे प्राइम लोकेशन के बिल्कुल पास घर ढूंढना जेब पर भारी पड़ता है. रियल एस्टेट का सीधा नियम है कि मेन हब से जितनी दूरी बढ़ेगी, किराया उतना ही कम होगा. मेट्रो स्टेशन से सिर्फ 10-15 मिनट की दूरी पर घर लेकर आप भारी बचत कर सकते हैं.
मेट्रो स्टेशन से थोड़ी दूरी पर लें घर
जो फ्लैट आपको प्राइम लोकेशन पर ₹25,000 का मिल रहा था, वही थोड़ी दूरी पर ₹15,000 में आसानी से मिल जाएगा. रोज का थोड़ा सा ऑटो किराया देकर भी आप महीने के ₹9,000 साफ बचा सकते हैं. इसके अलावा आप भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट से बचने के लिए ‘मैनेज्ड को-लिविंग स्पेस’ का रुख भी कर सकते हैं.
आजकल नोएडा-गुरुग्राम में को-लिविंग स्पेस का नया ट्रेंड है, जहां फिक्स रेंट में ही खाना, लॉन्ड्री, वाईफाई और हाउसकीपिंग शामिल होती है. इसके अलावा हर महीने पैसे बचाने के लिए बाहर का खाना कम करें, गैर-जरूरी सब्सक्रिप्शन बंद करें और सैलरी आते ही कुछ रकम सबसे पहले अलग सेविंग अकाउंट में डालने की आदत बनाएं.
Author: Rashmi Sharma


