Shimla News: हिमाचल प्रदेश में नगर निगम, नगर निकाय और पंचायत चुनावों के बाद भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर दबाव बढ़ाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने दावा किया कि नतीजों ने सरकार के खिलाफ जनता का मूड दिखा दिया है। कांग्रेस ने इन दावों को खारिज किया है।
बिंदल ने रविवार को शिमला में कहा कि चार नगर निगमों में से तीन में भाजपा की जीत बदलाव का संकेत है। उनके अनुसार मंडी, धर्मशाला और सोलन में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को मजबूत समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि पालमपुर में कांग्रेस आगे रही, लेकिन वहां भी भाजपा बेहतर रही।
तीन नगर निगमों में भाजपा की बढ़त
भाजपा अध्यक्ष के मुताबिक मंडी नगर निगम की 14 में से 12 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार जीते। धर्मशाला में 17 में से 11 सीटें भाजपा के खाते में गईं। सोलन में 17 में से 10 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। उन्होंने इसे शहरी मतदाताओं के रुख से जोड़ा।
स्थानीय निकायों को लेकर भी बिंदल ने भाजपा के पक्ष में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 25 नगर परिषदों में 18 और 22 नगर पंचायतों में 12 जगह भाजपा समर्थित उम्मीदवार आगे रहे। उनके अनुसार कांग्रेस ने कई जगह अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं किए, इसलिए उसके दावे कमजोर हैं।
पंचायत चुनावों पर भी भाजपा का दावा
पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए बिंदल ने कहा कि प्रदेश की 3,759 पंचायतों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बड़ी संख्या में जीत हासिल की। उन्होंने दावा किया कि करीब 2,780 प्रधान और 2,930 उपप्रधान भाजपा समर्थित हैं। कांग्रेस इस आकलन से सहमत नहीं है और अपनी बढ़त बता रही है।
बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने नगर निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से जुड़े नियमों में बदलाव किया। उन्होंने इसे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया। भाजपा ने कहा कि वह यह मुद्दा अदालत और जनता, दोनों के बीच मजबूती से उठाएगी।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी संदेश
डॉ. बिंदल ने इन नतीजों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा जनादेश बताया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, कर्मचारियों की नाराजगी, कानून-व्यवस्था और अधूरे वादों ने जनता में असंतोष बढ़ाया है। उनके अनुसार स्थानीय चुनावों का समर्थन कांग्रेस सरकार के खिलाफ साफ सियासी संदेश है।
राज्य में शहरी निकाय चुनावों में मतदान 17 मई को हुआ था। चार नगर निगमों के परिणाम 31 मई को घोषित हुए। नगर परिषद और नगर पंचायतों के नतीजे मतदान के बाद आए। इन चुनावों में कांग्रेस और भाजपा, दोनों ने अपने समर्थन वाले उम्मीदवारों की जीत का दावा किया।
कांग्रेस सरकार इन दावों से सहमत नहीं है। पार्टी का कहना है कि गैर-दलीय चुनावों में भाजपा श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने कई नगर निकायों में अपने समर्थित उम्मीदवारों की बढ़त बताई है। इसलिए नतीजों की अलग व्याख्या ने प्रदेश की राजनीति गरमा दी है।
Author: Sunita Gupta

