Bihar News: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बिहार सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। इस दर्दनाक हादसे में छह मरीजों की असमय मौत हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि आग लगने के असली कारणों का पता लगाया जा रहा है। जांच में जो भी अस्पताल प्रबंधन या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सरकार बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। किसी भी लापरवाह व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मृतकों के आश्रितों को आर्थिक मदद का ऐलान
न्यूज एजेंसी एएनआई से खास बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को ढाढस बंधाया और हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिया।
सरकार ने इस भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले सभी मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि देने का बड़ा ऐलान किया है। स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में जुटी हुई है।
घायलों के इलाज के लिए विशेष इंतजाम
हादसे के समय दिल्ली जा रहे स्वास्थ्य मंत्री ने एयरपोर्ट पर चुप्पी साधने के सवाल पर अपनी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि वह लगातार मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन के संपर्क में थे। वे पीठ दिखाकर भागे नहीं बल्कि पल-पल की रिपोर्ट ले रहे थे।
निशांत कुमार ने बताया कि हादसे में कुल छह लोगों की मौत हुई है। वर्तमान में १४ झुलसे मरीजों का मुजफ्फरपुर में ही इलाज चल रहा है। इसके अलावा तीन गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पतालों में दोबारा ऐसे हादसे रोकने की योजना
स्वास्थ्य मंत्री ने मेदांता अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरतने के निर्देश दिए। सरकार इलाज का पूरा खर्च खुद वहन कर रही है।
भविष्य में मुजफ्फरपुर जैसे दर्दनाक हादसों को रोकने के लिए बिहार सरकार ने ठोस रणनीति बनाई है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों का अनिवार्य रूप से ‘फायर ऑडिट’ कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पताल बंद होंगे।
Author: Amit Yadav


