CJP Row: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा कॉकरोच जनता पार्टी का मुद्दा, संस्थापक को मिली धमकियां; जानें क्या बोला संगठन

Mumbai News: सुप्रीम कोर्ट की एक बड़ी टिप्पणी के बाद चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब देशव्यापी जनआंदोलन बनने की राह पर है। इस सोशल मीडिया अभियान को युवाओं का भारी समर्थन मिल रहा है। हालांकि, बढ़ते विवाद के बीच अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और संगठन की वेबसाइट पर भी कार्रवाई की खबर है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के घर सुरक्षा बढ़ी

इस पूरे मामले के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को लगातार धमकियां मिल रही हैं। इसके मद्देनजर महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में उनके परिवार के घर के बाहर 24 घंटे के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है। अभिजीत फिलहाल अमेरिका के बोस्टन में हैं, लेकिन भारत में उनका परिवार बेहद डरा हुआ है।

अभिजीत के पिता भगवान दिपके और मां अनीता दिपके ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि बेटे की अचानक बढ़ी लोकप्रियता उनके लिए बड़ा खतरा बन गई है। कुछ संदिग्ध लोग उनके घर के बाहर भी देखे गए हैं, जिसका वीडियो सामने आने के बाद परिवार की नींद उड़ गई है।

सोशल मीडिया से उठकर जमीनी आंदोलन बनने का दावा

डिजिटल मंचों पर सक्रिय CJP ने इंस्टाग्राम पर एक मजबूत संदेश साझा कर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। संगठन का कहना है कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी युवाओं की आवाज बुलंद करते रहेंगे। उनका दावा है कि यह मुहिम केवल एक मीम-आधारित अभियान नहीं है, बल्कि देश को बदलने की शुरुआत है।

संगठन भारतीय संविधान के मूल्यों पर चलने की बात कहता है। CJP महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और भगत सिंह जैसी महान हस्तियों को अपनी प्रेरणा मानता है। यह संगठन अब देश के युवाओं को बेरोजगारी, पेपर लीक और सरकारी संस्थाओं में पारदर्शिता जैसे गंभीर मुद्दों पर एकजुट करने की रणनीति बना रहा है।

करोड़ों युवाओं से बदलाव के लिए मांगे महत्वपूर्ण सुझाव

CJP ने देश के करीब 2.2 करोड़ युवाओं से देश की व्यवस्था सुधारने के लिए विचार मांगे हैं। संगठन का मुख्य ध्यान पूरी तरह रोजगार संकट, परीक्षा प्रणाली में सुधार और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में इन सुझावों के आधार पर एक बड़ा राष्ट्रीय अभियान शुरू किया जाएगा।

दूसरी तरफ इस मुहिम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दाखिल हो चुकी है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि अदालती कार्यवाही और टिप्पणियों का गलत इस्तेमाल करके अपनी लोकप्रियता बढ़ाई जा रही है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही सोशल मीडिया पर यह नया विवाद खड़ा हुआ था।

Author: Sachin Kulkarni

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