Business News: दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी का समूह देश के पावर सेक्टर में एक और बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। जयप्रकाश एसोसिएट्स को खरीदने के बाद समूह अब भारत के अग्रणी स्मार्ट मीटर प्लेटफॉर्म इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को हासिल करना चाहता है। यह बड़ी और बहुप्रतीक्षित बिजनेस डील अब अपने आखिरी चरण में पहुंच चुकी है।
इकोनॉमिक टाइम्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस मेगा डील के अगले दौर की बातचीत के लिए केवल चार दिग्गज बोलीदाताओं को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन अंतिम चार दावेदारों में अदाणी समूह की एक बेहद मजबूत यूनिट भी शामिल है। इस प्रस्तावित बड़े सौदे में इंटेलिस्मार्ट का इक्विटी वैल्युएशन लगभग 3,700 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।
इंटेलिस्मार्ट को खरीदने की रेस में शामिल 4 बड़ी कंपनियां
इस बड़ी कंपनी को खरीदने के लिए शुरुआत में करीब 10 कंपनियों ने गहरी दिलचस्पी दिखाई थी। अंतिम चरण के ‘ड्यू डिलिजेंस’ के लिए अब रेस में अदाणी ग्रुप के साथ जीएमआर स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन, जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और स्विस फंड पार्टनर्स ग्रुप ही बचे हैं। अदाणी और जीएमआर को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
ये सभी चारों कंपनियां फिलहाल इंटेलिस्मार्ट के बही-खातों की गहराई से जांच कर रही हैं। उद्योग जगत के सूत्रों के मुताबिक ये सभी शॉर्टलिस्ट दावेदार मध्य-जून तक अपनी अंतिम और बाध्यकारी बोलियां जमा कर देंगे। यह कंपनी नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड का एक मजबूत जॉइंट वेंचर है।
आखिर क्यों बेची जा रही यह बड़ी सरकारी कंपनी
इस बड़ी हिस्सेदारी बिक्री का मुख्य कारण एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड पर बढ़ा भारी कर्ज का बोझ है। मार्च 2025 तक कंपनी पर करीब 6,045 करोड़ रुपये का बड़ा कर्ज था। इस रणनीतिक डील से मिलने वाली मोटी रकम से कंपनी को अपना पुराना कर्ज चुकाने और बोझ कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।
साल 2019 में स्थापित हुई इंटेलिस्मार्ट विभिन्न राज्यों की सरकारी बिजली वितरण कंपनियों के लिए अत्याधुनिक स्मार्ट मीटर लगाने का काम करती है। बिजली क्षेत्र की इस मजबूत कंपनी को अब तक देश भर से 2.2 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने के बड़े ऑर्डर मिल चुके हैं। अदाणी ग्रुप इस डील से पावर सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करेगा।
Author: Rajesh Kumar

