Social Media News: भारत में सोशल मीडिया पर तूफान की तरह उभरी व्यंग्यात्मक राजनीतिक मुहिम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इंस्टाग्राम पर सत्ताधारी दल बीजेपी को फॉलोअर्स की रेस में पछाड़ने के कुछ ही घंटों बाद CJP का एक्स अकाउंट भारत में पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया।
इस बड़े डिजिटल आंदोलन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बढ़ते असर को रोकने के लिए अब इसके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट को भी निशाना बनाया जा रहा है। अज्ञात हैकर्स द्वारा पार्टी के इंस्टाग्राम हैंडल को हैक करने की ताबड़तोड़ साइबर कोशिशें शुरू हो गई हैं।
एक अज्ञात कानूनी मांग के बाद देश में लगा कड़ा प्रतिबंध
गुरुवार को अचानक CJP के आधिकारिक एक्स हैंडल (@CJP_2029) को भारतीय यूजर्स के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया। इस समय यदि कोई यूजर इस खाते को देश में ओपन करता है, तो वहां स्क्रीन पर एक स्पष्ट संदेश लिखा हुआ दिखाई दे रहा है।
एक्स प्रबंधन ने स्क्रीन पर लिखा है कि एक कानूनी मांग के जवाब में इस विशिष्ट खाते को भारत में रोक दिया गया है। हालांकि यह कानूनी मांग किस सरकारी विभाग ने और किस पुख्ता आधार पर की है, इसकी सही वजह अभी तक सामने नहीं आई है।
फाउंडर अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर किया बड़ा खुलासा
इस नए वर्चुअल राजनीतिक संगठन को शुरू करने वाले मशहूर सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके ने खुद इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने इंटरनेट पर ब्लॉक किए गए पेज का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए डिजिटल दुनिया में एक बड़ा दावा किया है।
अभिजीत दिपके ने लिखा कि जैसी उन्हें पहले से ही आशंका थी, ठीक वैसा ही हुआ और कॉकरोच जनता पार्टी का आधिकारिक अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि खेल यहीं नहीं रुका है, बल्कि अब हमारे मुख्य इंस्टाग्राम पेज को भी हैक करने की लगातार कोशिशें जारी हैं।
फॉलोअर्स की रेस में सत्ताधारी दल को दी थी करारी शिकस्त
इस डिजिटल मुहिम ने हाल ही में इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स के मामले में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी को पीछे छोड़ दिया था। इस बड़ी उपलब्धि के बाद से ही यह व्यंग्यात्मक पेज इंटरनेट पर लगातार ट्रेंड कर रहा था।
राजनीतिक मामलों के विश्लेषकों के अनुसार इस वर्चुअल पार्टी के तेजी से बढ़ते ग्राफ के कारण ही इस पर यह कड़ी कार्रवाई की गई है। फिलहाल इस प्रतिबंध को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तीखी बहस छिड़ गई है और लोग अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठा रहे हैं।
Author: Mohit

