Madhya Pradesh News: हिंदू धर्म में गंगा नदी को पवित्र देवी का दर्जा प्राप्त है। गंगा दशहरा इसी आस्था और जल संरक्षण के प्रति कृतज्ञता का सबसे बड़ा पर्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण को एक राष्ट्रीय जन आंदोलन बनाया है। मध्य प्रदेश में भी जल संकट दूर करने के लिए ऐतिहासिक और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जल को देश के विकास का मुख्य आधार बनाया है। उन्होंने ‘हर घर जल’ और ‘जल है तो कल है’ जैसे मजबूत संकल्प देश के सामने रखे। उनके नेतृत्व में अलग जल शक्ति मंत्रालय बना। जल जीवन मिशन और नमामी गंगे जैसी कई ऐतिहासिक योजनाएं देश भर में शुरू हुईं।
अमृत सरोवर योजना ने जल संरक्षण को बिल्कुल नई दिशा दी है। हर जिले में पचहत्तर नए जलाशयों के निर्माण का बड़ा लक्ष्य रखा गया। अब तक देश में सत्तर हजार से अधिक सरोवर बन चुके हैं। इनसे बारिश का पानी सहेजने और तेजी से गिरते भूजल स्तर को बढ़ाने में बहुत बड़ी मदद मिली है।
खेती और सिंचाई व्यवस्था के लिए साबित हुई नई संजीवनी
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ने किसानों को एक नई उम्मीद दी है। इसमें प्रति बूंद अधिक फसल उत्पादन का नया मंत्र दिया गया। किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक से सीधे जोड़ा गया। कैच द रेन अभियान ने बारिश के पानी को सहेजने का काम किया। आम लोगों को इस बड़े आंदोलन से जोड़ा गया।
पीएम मोदी का स्पष्ट विजन केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है। वे जल संरक्षण को हर नागरिक की रोजमर्रा की आदत बनाना चाहते हैं। इन मजबूत प्रयासों का ही असर है कि देश में भूजल स्तर सुधरा है। कई जिलों में पानी की गंभीर समस्या अब पहले से काफी हद तक कम हो गई है।
मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए बड़ी क्रांति
प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर मध्य प्रदेश जल संरक्षण में मिसाल बन रहा है। राज्य में जल गंगा संवर्धन अभियान एक बहुत बड़ा जन आंदोलन बन चुका है। साल 2026 में भी यह अभियान पूरे जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इसका मुख्य मकसद पुराने जल स्रोतों को बचाकर उन्हें नया जीवन देना है।
इस खास अभियान के तहत नदियों, तालाबों और कुओं का जीर्णोद्धार हो रहा है। पुराने जल स्रोतों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में करीब ढाई हजार करोड़ रुपये की भारी लागत आ रही है। इससे बड़े पैमाने पर जल संरक्षण के कई बेहद महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
कृषि प्रधान राज्य मध्य प्रदेश की पूरी अर्थव्यवस्था पानी पर टिकी है। अनियमित बारिश और गिरते भूजल स्तर ने बड़ी गंभीर चुनौती खड़ी की है। इस विशेष अभियान से बारिश के पानी का अधिक से अधिक संचयन होगा। सिंचाई सुविधाएं बढ़ने से सूखे इलाकों में भी अब अच्छी फसल का उत्पादन संभव हो सकेगा।
आम जनता की सक्रिय भागीदारी से संवर रहा है कल
गांवों में पानी चौपाल जैसे खास कार्यक्रमों का लगातार आयोजन हो रहा है। किसानों को कम पानी वाली आधुनिक फसलें उगाने की नई जानकारी दी जा रही है। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से इस बड़े अभियान को ताकत मिली है। पुरानी ऐतिहासिक बावड़ियों को संवारने से पर्यटन को भी बहुत बढ़ावा मिल रहा है।
यह जल अभियान अब सिर्फ एक सामान्य सरकारी प्रयास नहीं रह गया है। प्रधानमंत्री मोदी के सफल मार्गदर्शन में यह एक बड़ा सामूहिक संकल्प बन गया है। आज जल स्रोतों को बचाकर ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। मध्य प्रदेश इस खास दिशा में पूरे देश के लिए एक बहुत बड़ा उदाहरण है।
Vijay Chouhan

