Shimla News: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ सियासत बेहद गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी ने तेल के आसमान छूते दामों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिमला के ऐतिहासिक सीटीओ चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
पर्यटन राज्य हिमाचल पर महंगाई की दोहरी मार
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिला अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने केंद्र की नीतियों पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल 102 रुपये और डीजल करीब 97 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इसके साथ ही डॉलर और सोने की लगातार बढ़ती कीमतें आम आदमी को बेहाल कर रही हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल कोई उत्पादक राज्य नहीं है। पहाड़ी राज्य होने के कारण यहां दैनिक उपयोग का ज्यादातर सामान दूसरे राज्यों से ही मंगाया जाता है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई भाड़ा काफी बढ़ जाता है। इसका सीधा आर्थिक बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं को ही उठाना पड़ता है।
पर्यटन कारोबार और आम जनता की जेब पर बढ़ा भारी दबाव
इंद्रजीत सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि हिमाचल की पूरी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन और बाहरी आपूर्ति पर टिकी है। ईंधन के लगातार दाम बढ़ने से राज्य का पूरा पर्यटन कारोबार मंदी की चपेट में आ रहा है। इससे आम लोगों के रोजमर्रा के घरेलू खर्च का संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी महंगाई के इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर हमेशा जनता के साथ खड़ी रहेगी। विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस जनविरोधी नीति के खिलाफ संसद से लेकर देश की सड़कों तक लगातार संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस आम नागरिकों के हक की लड़ाई को कमजोर नहीं होने देगी।
मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों का किया विशेष उल्लेख
जिला अध्यक्ष ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की कुशल आर्थिक नीतियों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि साल 2008 में जब पूरा विश्व भयंकर आर्थिक संकट से जूझ रहा था, तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बेहद सूझबूझ और संयम से देश की अर्थव्यवस्था को संभाला था।
उन्होंने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार की विफल व्यापार नीतियों का खामियाजा गरीब भुगत रहे हैं। इस बेलगाम महंगाई की सबसे घातक मार सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रही है। कांग्रेस हर पीड़ित नागरिक के न्याय के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।
Author: Harikarishan Sharma

