Delhi News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को विदेशी धरती से भारत के पड़ोसी देश को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि भारत के खिलाफ की गई हर नापाक हरकत का सेना ने हमेशा मुंहतोड़ जवाब दिया है। देश की संप्रभुता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दुस्साहस को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विदेशी मंच से पड़ोसी मुल्क को सीधी और सख्त चेतावनी
रक्षा मंत्री ने यह बड़ा बयान वियतनाम की राजधानी हनोई में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि हमारी सीमाओं पर अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों को हमेशा करारा सबक मिला है। आतंकवाद के सहारे भारत को कमजोर करने की हर साजिश नाकाम होगी।
राजनाथ सिंह ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारत सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। हमारी सेनाएं किसी भी अप्रत्यक्ष हमले या सीमा पार के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। भारत की अखंडता को चुनौती देने वाले दुश्मनों को अब दोबारा ऐसी हिमाकत नहीं करनी चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र और भारत की परमाणु नीति
रक्षा मंत्री ने अपने ऐतिहासिक संबोधन में पहलगाम हमले के बाद शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जमकर तारीफ की। कार्यक्रम के मुख्य मंच के पास इस विशेष सैन्य अभियान पर आधारित एक बड़ा पोस्टर भी लगाया गया था। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय जांबाजों ने इस ऑपरेशन में अद्भुत पराक्रम दिखाया था।
परमाणु नीति पर चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ यानी पहले इस्तेमाल न करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने वैश्विक मंच से कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि भारत अपनी इस नीति पर कायम रहेगा। हालांकि, देश किसी भी पड़ोसी देश की ‘परमाणु ब्लैकमेलिंग’ को कतई स्वीकार नहीं करेगा।
राजनाथ सिंह सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया के चार दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर रवाना हुए हैं। इस रणनीतिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य मित्र देशों के साथ सैन्य उपकरणों का संयुक्त उत्पादन बढ़ाना है। भारत इस दौरे के माध्यम से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करना चाहता है।
Author: Harikarishan Sharma

