नल से निकला मरा हुआ सांप, फिर वॉटर टैंक खोलते ही उड़े होश, दहशत में आए इस गांव के लोग!

Shimla News: मैहरी काथला पंचायत के कुलवाड़ी गांव में जल शक्ति विभाग की एक बड़ी और गंभीर लापरवाही सामने आई है। बीते कल गांव के एक घर में पानी के नल से अचानक मृत सांप बाहर निकल आया। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे इलाके के लोगों में भारी दहशत फैल गई है।

नल से जहरीला जीव निकलने के बाद ग्रामीणों में पीने के पानी की शुद्धता को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है। गांव के लोग अपने परिवार की सेहत को लेकर काफी डरे हुए हैं। इस घटना ने सरकारी स्तर पर पानी की सफाई के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है।

पानी के मुख्य टैंकों की जांच में हुआ बड़ा खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुबह लगभग 6 बजे गांव के मदन शर्मा हरकत में आए। उन्होंने पूर्व उपप्रधान लोकेश ठाकुर के साथ मिलकर कुलवाड़ी पेयजल योजना के दो मुख्य वाटर टैंकों और पर्कुलेशन बैल टैंक का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां की जमीनी सच्चाई देखकर दोनों हैरान रह गए।

निरीक्षण के समय दोनों प्रमुख पेयजल टैंकों के भीतर आनन-फानन में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया। इसके बाद जब दोनों नेताओं ने पर्कुलेशन बैल टैंक की बारीकी से जांच की, तो वहां बेहद चिंताजनक और डरावनी स्थिति पाई गई। टैंक की सुरक्षा को लेकर भारी लापरवाही बरती जा रही थी।

टैंक के भीतर मिले मरे हुए पक्षी और गंदे कपड़े

जांच के दौरान पानी के बड़े टैंक के भीतर एक मृत पक्षी और एक जीवित जीव तैरता हुआ मिला। इसके साथ ही टैंक के अंदर कुछ गंदे कपड़े भी पड़े हुए थे। इस गंदगी से साफ जाहिर होता है कि विभाग पानी के स्रोत की नियमित सफाई पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

मदन शर्मा ने टैंक के भीतर मौजूद मृत पक्षी का एक वीडियो बनाया। उन्होंने इस वीडियो को तुरंत गांव के सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप में साझा कर दिया। वीडियो वायरल होते ही बड़ी संख्या में आक्रोशित ग्रामीण इकट्ठा होकर सीधे पानी की टंकी के पास पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा और विभागीय अधिकारियों का आश्वासन

गुस्साए ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग के खिलाफ कड़ा रोष जताया। लोगों का कहना है कि जिस दूषित पानी को वे पीने और खाना बनाने के उपयोग में ला रहे हैं, उससे गांव में कोई भी बड़ी और गंभीर महामारी फैल सकती है। लोगों ने इसे अपनी जिंदगी के साथ खिलवाड़ बताया।

हंगामे की सूचना मिलते ही विभागीय कनिष्ठ अभियंता (जेई) तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मौजूदगी में स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने टैंकों की उचित घेराबंदी, नियमित सफाई और ढक्कनों की मरम्मत करने की मांग की। अधिकारियों ने जल्द ही सभी कमियों को दूर करने का लिखित आश्वासन दिया है।

Author: Sunita Gupta

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