शानन प्रोजेक्ट और चंडीगढ़ हिस्सेदारी पर हिमाचल का रुख साफ, सीएम सुक्खू ने भाजपा पर साधा निशाना

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार का रुख साफ किया है। उन्होंने चंडीगढ़ हिस्सेदारी और शानन पावर प्रोजेक्ट पर अपनी बात रखी। ऊना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि 99 साल की लीज खत्म होने के बाद शानन प्रोजेक्ट हिमाचल का है। मुख्यमंत्री ने राजस्व घाटा अनुदान पर केंद्र सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के भाजपा नेताओं पर भी कड़ा प्रहार किया।

शानन प्रोजेक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार

मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि शानन प्रोजेक्ट की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है। अब कानूनी तौर पर यह प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश सरकार के अधीन है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। हिमाचल सरकार को अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की तारीख का इंतजार है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कानूनी रूप से हिमाचल का पक्ष बहुत मजबूत है। राज्य सरकार अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

अधिकारियों की आपसी खींचतान पर सरकार सख्त

चेस्टर हिल और अन्य स्थानों पर प्रशासनिक अधिकारियों के बीच आपसी खींचतान पर भी बात हुई। इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने बेबाकी से अपना स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के समय अधिकारी ही सरकार चलाते थे। अब वर्तमान कांग्रेस सरकार में मंत्रिमंडल पूरी तरह से नियंत्रण में है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि गलत काम करने वाले अधिकारी के खिलाफ सरकार सख्त कदम उठाएगी। प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

राजस्व घाटा अनुदान पर केंद्र से नाराजगी

मुख्यमंत्री ने राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) रोकने पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह ग्रांट बंद करने से हिमाचल प्रदेश के हितों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस मुद्दे पर उन्होंने प्रधानमंत्री को एक विस्तृत पत्र लिखा है। इसके अलावा वह केंद्रीय वित्त मंत्री से भी व्यक्तिगत रूप से मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सामने मजबूती से लड़ रही है। हम प्रदेश के हकों की रक्षा करेंगे।

भाजपा सांसदों की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल

सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के चार भाजपा सांसदों और विधायकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये स्थानीय नेता केंद्र के सामने प्रदेश के हितों की बात नहीं रखते। मुख्यमंत्री ने इन सभी भाजपा नेताओं को सीधे तौर पर हिमाचल विरोधी करार दिया। उनका कहना है कि प्रदेश को वित्तीय मदद की जरूरत के समय ये नेता खामोश रहते हैं। यह राज्य की भोली-भाली जनता के साथ एक बहुत बड़ा और सीधा धोखा है।

गुटों में बंटी भाजपा और विपक्ष के नेता पर तंज

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली भाजपा सरकार को केंद्र से भारी आर्थिक मदद मिली थी। उन्हें वर्तमान सरकार की तुलना में साठ हजार करोड़ रुपये अधिक मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने उस भारी धनराशि का जमकर दुरुपयोग किया। सुक्खू ने कहा कि राज्य में भाजपा अब पांच अलग-अलग गुटों में बंट चुकी है। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वह केवल अपनी कुर्सी बचाने के लिए बोलते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री और अन्य नेता रहे मौजूद

ऊना विश्राम गृह में आयोजित इस महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता में कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा विधायक राकेश कालिया और विधायक विवेक शर्मा ने भी इस प्रेस वार्ता में हिस्सा लिया। पूर्व विधायक सतपाल रायजादा और जिलाध्यक्ष देशराज गौतम सहित कई स्थानीय नेता भी उपस्थित थे। इन सभी नेताओं की उपस्थिति प्रदेश सरकार और संगठन की मजबूत एकजुटता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

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