Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला के चुनाव नतीजे आने शुरू हो गए हैं। सुबह नौ बजे मतगणना शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में भाजपा ने मजबूत बढ़त बनाई है। पालमपुर, धर्मशाला और मंडी में अब तक भाजपा 15 सीटें जीत चुकी है, जबकि कांग्रेस तीन सीटों पर पहुंची है।
मंडी नगर निगम से पहला बड़ा संकेत मिला है। यहां शुरुआती नतीजों में भाजपा ने तीन सीटें जीतकर बढ़त बना ली। कांग्रेस को एक सीट मिली है। नगर निगमों के साथ आज 250 जिला परिषद और 1,684 पंचायत समिति वार्डों की भी मतगणना हो रही है। इसलिए पूरे प्रदेश की नजर इन परिणामों पर है।
मंडी में शुरुआती बढ़त से भाजपा उत्साहित
मंडी के शुरुआती परिणामों ने भाजपा खेमे में उत्साह बढ़ा दिया है। नगर निगम चुनाव में पार्टी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस अभी एक सीट पर सिमटी दिख रही है। मंडी को भाजपा के लिए अहम नगर निकाय माना जाता है। इसलिए यहां की बढ़त को राजनीतिक रूप से खास संकेत माना जा रहा है।
नगर निगम मंडी की मतगणना वल्लभ कॉलेज मंडी में कराई जा रही है। यहां 14 वार्डों की गिनती के लिए 15 टीमें लगाई गई हैं। कुल 125 कर्मचारी मतगणना प्रक्रिया संभाल रहे हैं। प्रशासन ने 13 टेबल लगाए हैं। ईवीएम से गिनती होने के कारण नगर निगमों के परिणाम जल्दी आने की उम्मीद है।
पालमपुर और धर्मशाला से भी नतीजे आने लगे हैं। शुरुआती अपडेट में भाजपा ने धर्मशाला में दबदबा बनाया है। पालमपुर में कांग्रेस को कुछ राहत मिली है। हालांकि अब तक की कुल तस्वीर भाजपा के पक्ष में दिख रही है। सोलन के परिणाम भी शहरी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
चार नगर निगमों पर सबकी नजर
हिमाचल में सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला नगर निगमों के परिणाम सबसे पहले घोषित किए जा रहे हैं। इन चारों नगर निगमों को शहरी मतदाताओं के मूड का पैमाना माना जाता है। 17 मई को इनके लिए मतदान हुआ था। मतगणना शुरू होते ही भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने अपने-अपने दावे तेज कर दिए।
चुनाव केवल नगर निगमों तक सीमित नहीं है। जिला परिषद और पंचायत समिति के नतीजे भी आज ही गिने जा रहे हैं। पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए गए थे। ग्रामीण सीटों की गिनती लंबी प्रक्रिया है। इसलिए जिला परिषद और बीडीसी के अंतिम नतीजों में नगर निगमों से ज्यादा समय लग सकता है।
मंडी जिला प्रशासन ने मतगणना के लिए व्यापक व्यवस्था की है। जिले भर में 15 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 265 टीमें काम कर रही हैं। कुल 1,349 कर्मचारी 241 टेबलों पर गिनती में तैनात हैं। डीसी अपूर्व देवगन ने प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला परिषद और बीडीसी नतीजों में लगेगा समय
जिला परिषद और बीडीसी की गिनती के लिए मंडी जिले में 14 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 250 टीमों के माध्यम से 1,224 कर्मचारी तैनात हैं। कुल 228 टेबलों पर मतों की गणना हो रही है। अधिकारियों के अनुसार, कागजी मतपत्रों और बड़े क्षेत्र के कारण यह प्रक्रिया लंबी चलेगी।
डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि मतगणना से जुड़े कर्मचारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया गया है। चुनाव ड्यूटी में छोटे कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक ने भूमिका निभाई है। अब मतगणना के जरिए पूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच रही है। प्रशासन हर केंद्र से अपडेट जुटा रहा है।
राज्य में 51 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव हुए थे। इनमें चार नगर निगम, 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायत शामिल हैं। नगर परिषद और नगर पंचायतों के नतीजे मतदान के दिन ही आने लगे थे। चार नगर निगमों के लिए परिणाम 31 मई को तय किए गए थे।
इन चुनावों को कांग्रेस सरकार और विपक्षी भाजपा दोनों के लिए अहम माना जा रहा है। शहरी निकायों के परिणाम स्थानीय मुद्दों के साथ संगठन की ताकत भी दिखाते हैं। भाजपा शुरुआती बढ़त को जनसमर्थन बता रही है। कांग्रेस बाकी सीटों के नतीजों से वापसी की उम्मीद रखे हुए है।
आज की मतगणना के बाद हिमाचल की शहरी और ग्रामीण राजनीति की नई तस्वीर सामने आएगी। मंडी की शुरुआत भाजपा के लिए मजबूत रही है। धर्मशाला और पालमपुर के रुझान मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति के नतीजे आने पर दलों की असली ताकत साफ होगी।
Author: Sunita Gupta

