एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 30 हजार करोड़ की मंजूरी से बदलेगी किसानों और कर्मचारियों की किस्मत, जानें क्या मिला

Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास के लिए 30,055 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय मंजूरी दी गई है। सरकार ने इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए नई स्थानांतरण नीति-2026 को भी हरी झंडी दिखा दी है। इस बैठक में समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।

कर्मचारियों के लिए नई स्थानांतरण नीति 2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए नई स्थानांतरण नीति को मंजूरी दे दी है। इस साल 01 जून से 15 जून 2026 तक ट्रांसफर से प्रतिबंध हटा लिया जाएगा। गंभीर बीमारी के मामलों और पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने के मामलों में तय सीमा से छूट मिलेगी।

तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का जिले के भीतर ट्रांसफर प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से ही किया जाएगा। सभी विभागों के विभागाध्यक्षों और शासकीय उपक्रमों में पदस्थ प्रथम श्रेणी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के स्थानांतरण समन्वय में मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग को नीति में सुधार के लिए अधिकृत किया गया है।

किसानों को फसल बीमा के लिए मिले 11,608 करोड़

किसानों को फसल हानि पर बड़ा संबल देते हुए मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अगले पांच वर्षों तक लागू रखने की मंजूरी दी है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए 11,608.47 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इससे प्रदेश के लाखों किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर मौसम में न्यूनतम 1,000 रुपये का बीमा दावा भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। यदि दावा राशि एक हजार रुपये से कम होती है, तो अंतर की राशि का भुगतान राज्य सरकार खुद करेगी। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कृषि विभाग को अधिकृत किया गया है।

पेंशन और श्रमिक कल्याण योजनाओं के लिए बड़ा फंड

सरकार ने वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन योजनाओं के लिए 15,184.42 करोड़ रुपये की भारी राशि स्वीकृत की है। इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के लिए 2,123.42 करोड़ रुपये शामिल हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली पात्र महिलाओं को 600 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।

इसके अलावा समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के निरंतर संचालन के लिए 13,061 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक के निराश्रित वृद्धों, 18 वर्ष से अधिक की कल्याणी महिलाओं और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले नागरिकों को भी 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन राशि का भुगतान किया जाएगा।

श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत 1,779.07 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। इसमें कर्मचारी राज्य बीमा योजना के लिए अगले 5 वर्षों के लिए 1,583.91 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बीमित श्रमिकों और उनके परिजनों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

जल प्रदाय योजनाओं और बाल सुरक्षा पर विशेष ध्यान

कैबिनेट ने सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना के लिए 593 करोड़ 24 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इसके तहत जल जीवन मिशन की गाइडलाइन के अनुसार ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान होगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत सुरक्षा योजनाओं के लिए 156 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 113.50 करोड़ और पॉक्सो पीड़ितों की सहायता के लिए 27.50 करोड़ रुपये शामिल हैं। नवगठित चार जिलों निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा और मऊगंज में नई जिला इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

सुशासन और लोक सेवा गारंटी को मिली नई ताकत

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 16वें वित्त आयोग की अवधि तक 360 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके माध्यम से सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा केंद्रों और सीएम डैशबोर्ड का सुचारू संचालन किया जाएगा। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने नागरिकों को लोक सेवाओं की कानूनी गारंटी दी है।

अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के लिए 373 करोड़ 38 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। यह संस्थान शासन के लिए थिंक-टैंक के रूप में काम करते हुए नीति विश्लेषण और योजनाओं का मूल्यांकन करता है। इसके तहत मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल और मुख्यमंत्री यंग इंटर्न प्रोग्राम संचालित किए जा रहे हैं।

Author: Vijay Chouhan

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