Himachal News: हिमाचल प्रदेश के नगर निगम चुनावों में सियासी पारा बहुत ज्यादा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। भाजपा युवा मोर्चा ने उनके खिलाफ चुनाव आयोग में कड़ी शिकायत दर्ज करवाई है। सीएम पर आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगा है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मनदीप चंदेल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को एक औपचारिक पत्र सौंपा है। इस पत्र में मुख्यमंत्री पर मतदाताओं को लुभाने का आरोप है। शिकायत के अनुसार सीएम ने कई जनसभाओं में वित्तीय प्रलोभन दिए हैं। यह सीधे तौर पर चुनाव के नियमों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।
वोट के बदले करोड़ों रुपए देने का आरोप
मुख्यमंत्री सुक्खू पर मंडी के नेला और थनेड़ा वार्ड में लोकलुभावन घोषणाएं करने का आरोप है। उन्होंने कहा कि अगर जनता कांग्रेस को जिताती है, तो विकास के लिए भारी फंड मिलेगा। नेला वार्ड को 50 लाख और थनेड़ा वार्ड को एक करोड़ रुपए देने का बड़ा वादा किया गया है।
शिकायत में पालमपुर और धर्मशाला का भी मुख्य रूप से जिक्र किया गया है। चौदह मई को पालमपुर के सुग्गर और बिंद्राबन वार्डों में ऐसी ही घोषणाएं हुईं। इसके बाद पंद्रह मई को धर्मशाला के होटल धौलाधार में भी हर वार्ड को एक-एक करोड़ रुपए देने का आश्वासन दोहराया गया।
वीडियो सबूतों के साथ चुनाव आयोग से मांग
भाजपा नेता मनदीप चंदेल ने इसे पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए बड़ा खतरा बताया है। यह आदर्श आचार संहिता के नियमों की धारा 4.7, 10.3 और 11.1 के खिलाफ है। शिकायतकर्ता ने चुनाव आयोग को कई अहम वीडियो क्लिप और प्रेस रिपोर्ट भी सबूत के तौर पर मुख्य रूप से सौंपे हैं।
भाजपा ने चुनाव आयोग से पूरे मामले का तुरंत स्वतः संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए रैलियों की सभी वीडियो रिकॉर्डिंग मंगाने और उचित दंडात्मक आदेश देने की अपील की है।

